शिक्षा विभाग एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार चर्चा का कारण यह है कि शिक्षा विभाग ने शिक्षा सेवक तालीमी मरकज को शिक्षा विभाग ने अक्षर आंचल योजना के तहत कार्यरत महादलित व दलित वर्ग के शिक्षा सेवक और अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) को सेवा मुक्त करने के लिए शिक्षा विभाग ने शर्तें लागू कर दी हैं। संयुक्त सचिव सह निदेशक, जन शिक्षा विभाग की ओर से एक चिट्ठी जारी की गई है। यह आदेश शिक्षा विभाग के अपहर मुख्य सचिव केके पाठक के अनुमोदन के बाद ही जारी की गई है।
इसमें कहा गया है कि कुछ शिक्षा सेवक एवं शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) द्वारा अपने कार्यों के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे शिक्षा सेवक एवं शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) को उनके सेवाशर्त से संबंधित मार्गदर्शिका में
इन आधार पर सेवा मुक्त किये जाने का प्रावधान है...
- (क) 30 दिनों से अधिक अवधि तक अनुपस्थित रहने पर / आदतन अनुपस्थिति।
- (ख) तीन या तीन के अधिक निरीक्षण / अनुश्रवण में यह प्रमाणित होने पर कि शिक्षा सेवक एवं शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) कार्य प्रति पूरी तरह लापरवाह है।
- (ग) आपराधिक गतिविधि में शामिल होने या अनैतिक आचरण करने या दलगत राजनीति में शामिल होकर चुनाव लड़ने की घटना प्रमाणित होने पर।
- (घ) शराब पीने, शराब बेचने, बाल-विवाह करने, दहेज लेना प्रमाणित होने पर।
- (ड़) 30 दिन से अधिक बिना सूचना एवं बिना ठोस कारण के अनुपस्थित रहना। प्रमाणित होने पर। (च) समाज-विरोधी या अराजकतावादी गतिविधियों में शामिल होने या कुकृत्य करना प्रमाणित होने पर।
सेवा सामाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया कि उपरोक्त चार में किसी भी एक बिन्दु पर संबंधित शिक्षा सेवक / शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) द्वारा स्पष्टीकरण प्राप्त किया जायेगा। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) द्वारा संबंधित नियोजन समिति के समक्ष रखा जायगा। इसके बाद आदेश के आधारपर उक्त शिक्षा सेवक / शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) को सेवा मुक्त किया जायेगा। दोषी शिक्षा सेवक / शिक्षा सेवक (तालीमी मरकज) की सेवा सामाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।