भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम तो हो गया है लेकिन देश के अंदर कुछ नेता मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के प्रबंधन पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। सैन्य संघर्ष के दौरान उनकी वीरता अद्वितीय थी। यदि सरकार अधिक दृढ़ होती, तो हम सीमा पार आतंकवाद के अंत को देख सकते थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका के दबाव में युद्धविराम पर सहमति जताई। नागिना के सांसद आजाद ने कहा कि हम सभी जानना चाहते हैं कि सच कौन बोल रहा है? हमारे प्रधानमंत्री ने सोमवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप का खंडन करने का अवसर नहीं लिया।
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वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर अपनी विश्वसनीयता खो दी जदयू ने
वहीं जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के "पाकिस्तान को और अधिक प्रभावी तरीके से पीटे जाने वाले" बयान पर सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि वह देश में प्रचलित भावना को दोहरा रहे हैं। हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ होनी चाहिए, न कि पाकिस्तान के खिलाफ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाईटेड ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर अपनी विश्वसनीयता खो दी है। सांसद ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने जम्मू और कश्मीर में शहीद हुए बीएसएफ के उप-निरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज को उचित सम्मान नहीं दिया।