गोपालगंज जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र के मदरवानी गांव में मंगलवार की देर शाम शराब माफिया अजय यादव के घर पर पुलिस ने छापेमारी की थी। छपेमारी के दौरान अफरातफरी मची। मौके से अजय यादव को पुलिस ने दबोच लिया, लेकिन इसी बीच शराब माफिया को छुड़ाने के लिए कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में थानाध्यक्ष जय हिन्द यादव समेत तीन पुलिसकर्मियों को आंशिक रूप से चोटें आई। हमले के दौरान पुलिस दल के होमगार्ड जवान अवधेश तिवारी की रायफल भी हमलावरों ने छीन ली। हालांकि, थोड़ी देर बाद पुलिस ने रायफल को बरामद कर लिया।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों को सूचित किया। सूचना पाकर हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता के नेतृत्व में आधा दर्जन थानों की पुलिस फोर्स व्रजवाहन लेकर मौके पर पहुंच पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही हालात बेकाबू हो गए। आरोप है कि पुलिस ने मदरवानी गांव में कई घरों में जांच कर कुछ लोगों को हिरासत मे लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस की पिटाई में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सुभवाल गांव निवासी 35 वर्षीय मजदूर अनिल राम की मौत हो गई। अनिल राम, नन्हकू राम का पुत्र था, जो अजय यादव के यहां रहकर घोड़े पालने का काम करता था।
सुबह गांव में ले जाकर छोड़ दिया
परिजनों के अनुसार, वह शादी-ब्याह के कार्यक्रमों में घोड़े लेकर जाता था। दबी जुबान लोग कह रहे हैं कि पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इतनी बेरहमी से पीटा कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, मजदूर की मौत के बाद पुलिस ने महिलाओं को अहले सुबह गांव में ले जाकर छोड़ दिया।
कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था
वहीं पुलिस का कहना है कि हाजत में बंद होने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी। इसे स्वास्थ्य केंद्र फुलवरिया में भर्ती कराया गया, जहां स्थित को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने सदर अस्पताल गोपालगंज के लिए रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है।