सबकुछ सामान्य रहा तो अगले साल लगभग इसी समय बिहार में विधानसभा चुनाव होते रहेंगे। विधानसभा चुनाव के लगभग एक साल पहले बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने अक्टूबर की पहली तारीख को कैबिनेट के जरिए एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के कारण एक साल में बिहार के अंदर बहुत कुछ बदल सकता है। कुल मिलाकर कहें तो पॉकेट के साथ सांसों को राहत देने वाला अहम फैसला है यह। इस फैसले के कारण बिहार में उद्योग बढ़ेंगे, लेकिन प्रदूषण नहीं। इस फैसले के कारण उद्यमियों को बचत होगी और प्रदूषण का उत्सर्जन भी घटेगा। वाहन खरीदने वाले सीएनजी के प्रति ज्यादा आकर्षित होंगे। मतलब, सड़क पर होने वाला प्रदूषण भी घटेगा। और, घर के अंदर रसोई गैस सिलेंडर की जगह इस्तेमाल हो रहा पाइप्ड गैस भी सस्ता होगा। यह फैसला है- सीएनजी-पीएनजी पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) की दरें घटाने का। मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने यह फैसला लिया है और अब बहुत जल्द यह प्रभावी होगा तो राज्य में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में नरमी आएगी।
सीएनजी और पीएनजी पर वैट की दर कितनी कम हुई?
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट ने सीएनजी और पीएनजी पर वैट घटाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद वाहनों में इस्तेमाल होने वाली गैस सीएनजी और पाइपालाइन के जरिए रसोई तक पहुंचने वाली गैस पीएनजी की कीमतों में राहत मिलेगी। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कैबिनेट में लिए गए इस फैसले की जानकरी दी। पीएनजी पर वैट की दर को 20% घटाकर 12.5% कर दिया गया है। वहीं, मोटर वाहनों में इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस (CNG)पर भी वैट की दर को 20% से घटाते हुये 12.5% कर दिया गया है। औद्योगिक इकाइयों में उपयोग की जाने वाली नेचुरल गैस (PNG) पर वैट की दर को 20% से घटाते हुए 5% किया गया है।
क्यों लिया गया फैसला?
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में फिलहाल प्राकृतिक गैसों (सीएनजी और पीएनजी) 20 प्रतिशत की दर से वैट (वैल्यू ऐडेड टैक्स) देय है। पड़ोसी राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में यह दर बिहार की तुलना में कम है। इस कारण, कारोबारियों और उद्योग संगठनों ने इसमें कटौती की मांग की थी। व्यावसियक संगठनों के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोयला/फर्नेस ऑयल से चलने वाली औद्योगिक इकाईयों को प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में कोयले की तुलना में नेचुरल गैस महंगी है तथा नेचुरल गैस की खरीद पर चुकाए गए कर का सामंजन (ITC) भी जीएसटी के तहत नहीं होता है। ऐसे में, औद्योगिक इकाइयों ने प्राकृतिक गैसों पर वैट की दर को घटाने की मांग की थी। बिहार सरकार की कैबिनेट ने बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दे दी। माल (Goods) का विनिर्माण करने वाली औद्योगिक इकाइयों में उपयोग की जाने वाली नेचुरल गैस (PNG) पर वैट की दर को 20% से घटाते हुए 5% किया गया है।
वैट की दरें कम होने ने क्या फायदा मिलेगा?
सरकार ने शहरी गैस वितरण प्रणाली के माध्यम से बेची जाने वाली नेचुरल गैस पर वैट की दरों को घटाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के तहत घरेलू और कॉमर्शियल उपयोग हेतु प्रयोग की जानेवाली नेचुरल गैस (PNG) पर वैट की दर को 20% घटाकर 12.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही, मोटर वाहनों में इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस (CNG)पर भी वैट की दर को 20% से घटाते हुये 12.5% कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य में इनकी कीमतों में कमी आने का रास्ता साफ हो गया है।
आम आदमी और कारोबारियों को कैसे फायदा मिलेगा?
सरकार के इस फैसले से त्योहारों से पहले आम आदमी को महंगी सीएनजी और पीएनजी खरीदने से राहत मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से घरेलू, कॉमर्शियल, औद्योगिक इकाइयों को कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेगी। बिहार सरकार के इस फैसले से पारंपरिक ईंधन की तुलना में प्राकृतिक गैस के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे आने वाले समय में प्रदूषण में कमी आएगी तथा पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। फैक्ट्री के पीएनजी आधारित होने पर डीजल के मुकाबले 10 गुना कम कार्बन उत्सर्जन होगा।
बचत का फायदा किसे
- 10 हजार से ज्यादा सीएनजी कारें हैं,
- 40 हजार सीएनजी थ्री व्हीलर हैं
- 150 से ज्यादा सीएनजी बसें हैं,
- 20 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन है
- 03 हजार फैक्ट्री पीएनजी में हो सकेंगे कन्वर्ट
सीएनजी-पीएनजी की घरेलू खपत
- 01 लाख किलो सीएनजी की रोजाना खपत है
- 08 हजार मानक क्यूबिक मीटर रोज की खपत है
सीएनजी-पीएनजी का मौजूदा गैर-व्यावसायिक रेट
- सीएनजी- 86.40 रुपये प्रति किलो
- पीएनजी- 56.88 मानक क्यूबिक मीटर
(वैट 20 प्रतिशत की जगह 12.5 प्रतिशत होने से यह कीमत घटेगी)