लॉटरी के टिकट बेचते दिखे धंधेबाज।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के खगड़िया में खुलेआम लॉटरी का धंधा फल-फूल रहा है। लेकिन, पुलिस चुपचाप है। इस लॉटरी के धंधेबाजों तक जब 'अमर उजाला' के संवाददाता पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर दंग रह गए। शहर के स्टेशन रोड में करीब आधे दर्जन पान दुकानदार और चाय दुकानदार प्रतिबंधित लॉटरी को खुलेआम बेचते मिले। ऐसे ही एक धंधेबाज के कारनामों को 'अमर उजाला' ने अपने खुफिया कैमरा में कैद कर लिया। स्टेशन रोड स्थित नेशलन हाई स्कूल के पास एक पान दुकानदार अपनी दुकान की आड़ में लॉटरी बेचते मिला। जिसने बिना किसी भय के संवाददाता को लॉटरी दे दिया। बताया जा रहा है कि शहर के राजेन्द्र चौक, स्टेशन रोड, बखरी बस स्टैंड, बलूआही बस स्टैंड, कचहरी रोड, सन्हौली दुर्गा मंदिर चौक पर लॉटरी के धंधे जोर-शोर से किया जाता है। बावजूद पुलिस ऐसे धंधेबाजों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत से शहर में लॉटरी का धंधा कई वर्षों से फल-फूल रहा है।
दर्जनों एजेंट कर रहे काम
बेखौफ धंधेबाजों ने शहर में कई जगह अपना आशियाना बना रखा है। जबकि दर्जनों धंधेबाज घूम घूम कर टिकट की ब्रिकी में लगे हैं। लखपति बनने का सपना देखने वाले लोग मुंह मांगी कीमत पर टिकट खरीदते हैं। बेची जा रही लॉटरी की टिकट पर मिजोरम स्टेट, नागालैंड स्टैड अंकित है। इसे बंगाल से यहां मंगाया जाता है। जानकारी अनुसार प्रतिदिन लॉटरी का तीन ड्रॉ होता है। हालांकि लॉटरी का यह खेल बिहार के कई जिलों में चल रहा है। सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन तीन से चार लाख की लॉटरी की बिक्री हाेती है।
मुंह मांगी कीमत जा रहा वसूला
खगड़िया शहर में अवैध लॉटरी का संचालन करने वाले मालामाल हो रहे है, जबकि आम लोगो की जेबें ढ़ीली हो रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस के परोक्ष सहयोग से शहर में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर खुलेआम लॉटरी की बिक्री की जा रही है। इसके जरिए प्रतिदिन लाखों का वारा-न्यारा हो रहा है। जानकारी के बावजूद अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे लॉटरी संचालकों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि लॉटरी टिकट पर अंकित मूल्यों से कई गुणा अधिक राशि वसूली जा रही है।
नहीं हो रही कार्रवाई
खगड़िया में लॉटरी धंधेबाज इस तरह बेखौंप हैं कि वे लोगों को खुलेआम इसको उपलब्द करा रहे हैं। जबकि पुलिस ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। शहर के राजेन्द्र चौक, स्टेशन रोड, बखरी बस स्टैंड, बलूआही बस स्टैंड, कचहरी रोड, सन्हौली दुर्गा मंदिर चौक सहित विभिन्न चौक-चौराहों पर लॉटरी खरीदते-बेचते आसानी से लोग देखे जा सकते हैं। लेकिन, पुलिस की इस पर नजर नहीं पड़ रही है।बता दें कि बिहार में लॉटरी के कारोबार में 1990 के दशक में न जाने कितने लोगों को कंगाल बना दिया था। इस कारण तत्कालीन सरकार ने 1993 में लॉटरी को बिहार में प्रतिबंधित कर दिया था। लॉटरी माफिया दो दशक बाद फिर नई पीढ़ी को लॉटरी के भंवर में फंसा रहे।
छापेमारी के बाद भी नहीं थम रहा अवैध कारोबार
बीते वर्षो में प्रशासन ने कई जगहों पर छापेमारी की, कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया। लेकिन अब भी पुलिस और प्रशासन की पहुंच से कई बड़े माफिया दूर हैं। जो प्रशासन के आंख पर धूल झोंक कर धडल्ले से अपना काम जारी रखे हैं। इस संबध में नगर थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षू डीएसपी अनुपेश नारायण ने कहा कि उनको इस बात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आप खबर प्रकाशित करने से पहले इसकी जानकारी मुझे दें, ताकि छापेमारी की जा सके।