Bihar : आज मानवता शर्मसार हुई है। जिस माता-पिता ने तिनका-तिनका जोड़कर एक आशियाना बनाया, बेटे को पढ़ाया-लिखाया। आज हालात ऐसे हो गये कि दंपति को गंगा नदी में छलांग लगानी पड़ गई। अब वह घर नहीं जाना चाहते। पूरी कहानी सुनकर रो देंगे आप।
बिहार में एक दंपति ने एक साथ गंगा में डूबकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना में महिला गंगा में डूब गई, जबकि स्थानीय लोगों ने की मदद से वृद्ध को बचा लिया गया। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 घटनास्थल पर पहुंची और वृद्ध को अस्पताल ले गई। घटना पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अलखनाथ घाट की है। वृद्ध धीरज चौधरी नालंदा जिले के पावापुरी के मोलदियारबीघा, कदमतर के रहने वाले है।
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घटना के संबंध में धीरज चौधरी ने बताया कि उनके बेटे ने जमीन बेच दी। घर में दोनों पति-पत्नी को खाना नहीं देता था। इतना ही नहीं बेटा दोनों दंपति के साथ मारपीट भी करता है, इसलिए बेटे की प्रताड़ना से तंग आकार उन्होने पत्नी मालती देवी के साथ घर से भाग गए और अलखनाथ घाट पहुंच गये। अलखनाथ घाट पर पहुँचने के बाद दोनों एक साथ गंगा में कूद पड़े।गंगा की तेज धार में धीरज चौधरी की पत्नी बह गई।धीरज चौधरी ने बताया कि उनके दो पुत्र हैं। छोटे बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नही है और बड़ा बेटा उनके साथ मारपीट करता है। पहले भी मारपीट कर हाथ पैर तोड़ चुका है। वह चार दिन पहले घर से भागकर बाढ़ पहुंचे है और वह चार दिनों से भूखे है।
दंपति को बचाने वाले युवक मो॰ छोटू ने बताया कि सभी लोग मुकदर्शक बने हुए थे और दंपति तेज धारा में डूब रहे थे। उनको बहते देख वह नदी में कूद पड़ा और दंपति को पकड़कर किनारे लाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्हें देखकर एक वाले ने भी तत्परता दिखाई। दोनों के प्रयास से वृद्ध को बचा लिया गया, जबकि महिला डूब गई। वह अलखनाथ मंदिर के पास फल बेचते है। घटना के संबंध में एएसआई इन्द्रदेव यादव ने बताया कि दंपत्ति अलखनाथ घाट पर डूबने आए थे। पत्नी डूब गई और पति को बचा लिया गया है। यह नालंदा जिला के निवासी है। अग्रतर कार्यवाई की जा रही है।