Bihar : मैं गिरजा, मंदिर, मस्जिद, जैन, सिख और फायर टेंपल भी जाऊंगा। जिसको जो सोचना है सोचें। मैं जहां भी जाता हूं, स्वामी विवेकानंद के भाषण को दुहराता हूं। आज वह हनुमान मंदिर में होने वाले आरती में शामिल होने के बाद गवर्नर ने यह बात कही।
मैं गिरजा, मंदिर, मसजिद, जैन, सिख, फायर टेंपल भी जाउंगा। जिसको जो सोचना हैं सोचें। मैं जहां भी जाता हूं। स्वामी विवेकानंद के भाषण को दुहराता हूं। यह कहना है बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का। हालांकि यह सुनने के बाद कई नेताओं को अच्छा नहीं लगा होगा, लेकिन उनकी यह बातें बिहार के लोगों को अच्छी जरुर लगी होंगी।
देर रात से ही जय श्री राम के नारों से पटना का हनुमान मंदिर गूंजने लगा। हर शहर गांव गली मुहल्लों में लोगों ने रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया। उत्तर भारत के सबसे बड़े और विख्यात महावीर मन्दिर में पूरे विधि-विधान से रामनवमी का पूजन हुआ। इसको लेकर लगभग चार लाख से अधिक श्रद्धालु हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। वहीं देर रात 22 हजार किलो से अधिक नवैद्यम की बिक्री हुई। इसके अलावा 1.5 लाख भक्तों को हनुमान चालिसा वितिरत किया गया।
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दरअसल आज दोपहर को राज्यपाल अचानक हनुमान मंदिर पहुंचे। वह जिस समय वहां पहुंचे उस समय आरती का समय हो गया। निश्चित समय पर आरती भी होने लगी। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी आरती में खड़े हो गये और पूरी आरती में वह शामिल रहे। इसके बाद मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान पुजारी ने उन्हें तिलक भी लगाया और राज्यपाल बिना असहज हुए तिलक भी लगवाया। इसके बाद उन्होंने प्रणाम किया और फिर मंदिर से बाहर निकले। इस दौरान उन्होंने आचार्य कुणाल किशोर के कार्यों की भरपूर सराहना की और कहा कि जनकल्याण का मतलब ही धर्म होता है। महावीर मंदिर से महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य अस्पताल, महावीर वात्सल्य आदि जैसे बड़े अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इससे गरीबों की सेवा हो रही है। फिर उन्होंने कहा कि मैं गिरजा, मंदिर, मस्जिद, जैन, सिख, फायर टेंपल भी जाउंगा। इस बात के लिए जिसको जो सोचना है वह सोचें। मैं जहां भी जाता हूं, स्वामी विवेकानंद के भाषण को दुहराता हूं।
चैत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को करुनानिधान श्रीराम के प्राकट्य के अवसर पर रविवार को दो बजे सुबह में आरती के बाद सवा दो बजे से महावीर मन्दिर में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। आरती में आचार्य कुणाल किशोर की पत्नी अनिता कुणाल और सायण कुणाल शामिल हुए। अनिता कुणाल काफी देर तक मंदिर प्रांगण में रही। महावीर मन्दिर के मुख्य गर्भगृह में राम दरबार समेत स्वर्ण मुकुटधारी हनुमानजी के दोनों विग्रहों के दर्शन और प्रसाद-पुष्प अर्पित करने के लिए महिलाओं-पुरुषों के आने का क्रम रविवार रात्रि 12 बजे तक चलता रहा। सुबह 11 बजे महावीर मन्दिर परिसर में मुख्य ध्वज स्थल पर ध्वज पूजा शुरू हुई। इसके बाद वहां नये ध्वज के साथ महावीरी ध्वज का ध्वजारोहण किया गया।