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Bihar : बागेश्वर धाम वाले बाबा के बारे में पंडोखर सरकार ने कह दी यह बात, लालू प्रसाद का भी लिख चुके हैं पर्चा

Thu, 10 Aug 2023 08:16 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News : गुरुशरण शर्मा महाराज ने कहा- मैं त्रिकालदर्शी नहीं हूं। त्रिकालदर्शी तो पंडोखर सरकार है, जिनकी कृपा से लोग हमें त्रिकालदर्शी समझते है। मैं चाहता हूं कि एक प्रतियोगिता हो ताकि लोग जान सके की तथाकथित पर्चा लिखने और पंडोखर सरकार धाम में क्या अंतर है। 
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बापू सभागार में गुरुशरण शर्मा महाराज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना के बापू सभागार में पंडोखर सरकार धाम के पीठाधीश गुरुशरण शर्मा महाराज ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी पंडोखर सरकार धाम आकर आशीर्वाद प्राप्त किया है। उन्होंने 15 साल पहले ही राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पर्चा लिखा था। महाराज ने आगे कहा कि जो नेतागण सब मेरे भक्त हैं, शिष्य हैं। भाजपा और कांग्रेस के नेता भी हमारे शिष्य हैं। कई मंत्री और विधायक हमारे शिष्य हैं। मैं किसी भी नेता का नाम नहीं लूंगा। क्योंकि, मैं यहां किसी का प्रचारक बनकर नहीं आया हूं।

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बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के पर्चा लिखने के सवाल पर गुरुशरण महाराज ने कहा कि भारतवर्ष में आज की तारीख में 511 लोग पर्चा लिखते हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री कोई अकेले शख्स नहीं जो पर्चा लिखते हैं। यह तो अभी बच्चे हैं, इनके दूध के दांत भी नहीं टूटे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे दिव्य दरबार में आने के लिए कोई पैसा नहीं देना होता है।

देश को सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस बिहार ने दिए हैं
बापू सभागार में गुरुशरण शर्मा महाराज कार्यक्रम संपन्न हो गया। गुरुवार को महाराज ने लोगों का पर्चा निकालकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। कार्यक्रम के गुरु शरण शर्मा महाराज ने कहा कि बिहार की धरती पर आकर और यहां के लोगों से सम्मान पाकर अभिभूत हूं। बिहार के लोग अच्छे हैं इसलिए मैं यहां आया। यहां के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है कि देश को सबसे ज्यादा IAS और IPS बिहार ने दिए हैं। ऐसे मैं यहां आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। 

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पर्चा लिखते गुरुशरण शर्मा महाराज। - फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगिता हो तो पता चलेगा पर्चा लिखने वाले और पंडोखर सरकार में क्या है अंतर
उन्होंने कहा कि मैं त्रिकालदर्शी नहीं हूं। त्रिकालदर्शी तो पंडोखर सरकार है, जिनकी कृपा से लोग हमें त्रिकालदर्शी समझते है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि एक प्रतियोगिता हो ताकि लोग जान सके की तथाकथित पर्चा लिखने और पंडोखर सरकार धाम में क्या अंतर है। मैं कोई भगवान नहीं, भागवत कृपा से जो प्रेरणा मिलती है उसी से मैं कुछ कह पता हूं। आज 140 पर्चियां लिखीं। इसमें से 84 पर्चियां मैं होटल में हीं बांट दिया। उन्होंने कहा कि मैं यहां किसी दल विशेष के लिए नहीं आया हूं। 

दरबार के अंतिम सत्र में निकला इनका पर्चा, महाराज ने बताया यह समाधान
वहीं, आज दरबार के अंतिम सत्र में पहली बार आई गोपालगंज की सुनीता देवी का पर्चा निकला। उनके घर पितृ दोष था, साथ हीं बिजनेस नही चल रहा था। महाराज ने समस्या का समाधान बताया। दूसरा पर्चा पटना के शकुंतला देवी निकला, उनके बच्चों की शादी नही हो पा रही थी। महाराज ने उनके भी समस्या का समाधान बताया। तीसरा पर्चा पटना की श्वेता का निकला, जिनकी जमीनी समस्या थी। महाराज ने उपाय बताते हुए कहा कि आपकी समस्या दूर होगी और आपका मकान भी बनेगा। वहीं विजय कुमार सिन्हा की शादी नही हो रही थी।  महाराज ने कहा कि होगी और शादी शुदा लड़की से होगी। और उसके उपाय भी बताए इस दौरान उन्होंने कहा कि संत, ब्रह्म, गौ हीं हमारे लिए ही पूजनीय है। प्रमात्मा का स्मरण करो, अपने माता पिता को पूजिए। आपको अपना धर्म अपनाना है आपको अपना संस्कृति को अपनाना है। हवन पूजन अनुष्ठान में किसी भी जाति संप्रदाय का भेद नहीं है, भेद तो केवल पवित्रता का है। संतो की कृपा से, आपलोगो की आस्था से हीं मैं आज यहां बैठा हूं। 100 में 99 फीसदी काम होगा, अगर एक परसेंट नही होता तो मैं भगवान नही हूं। मैं राज बता सकता हूं, अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए शक्ति प्रदान कर भेज सकता हूं।
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