राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों को वित्त विभाग के मंत्री बिजेंद्र यादव ने खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार के किसी भी विभाग में वेतन एवं पेंशन भुगतान से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नौ अप्रैल को बिहार सरकार पर विधायकों और कर्मचारियों को समय से सैलरी नहीं देने का आरोप लगाया था। तेजस्वी के इस आरोप के बाद सियासत गरमा गई थी। उनके बयान के 24 घंटे के अंदर नीतीश सरकार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। वित्त विभाग के मंत्री बिजेंद्र यादव ने सारा हिसाब देते हुए तेजस्वी यादव को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव का वेतन अब तक भुगतान राज्य सरकार की ओर से अब तक नहीं किया गया है। इस तथाकथित सूचना के आलोक में बिहार विधानसभा सचिवालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी से इस संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
वित्त मंत्री ने कहा- नेता प्रतिपक्ष का मार्च 2026 तक का वेतन कोषागार से पारित है
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष के दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक के मासिक वेतन का विपत्र बिहार विधानसभा कार्यालय द्वारा 10 अप्रैल को सचिवालय कोषागार, सिंचाई भवन, पटना में प्रस्तुत किया गया, जिसे संबंधित कोषागार द्वारा उसी दिन पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा माननीय विधानमंडल के सदस्यों के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के मार्च 2026 के वेतन एवं पेंशन का भुगतान 02 अप्रैल 2026 से बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने क्या आरोप लगाया था?
बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया था कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं स्थिति इतनी खराब है कि हम लोगों को भी अब तक वेतन नहीं मिला है।