बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी और पेंशनभोगी अब अपने वेतन और पेंशन के आधार पर अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि सरकार खुद ऋण नहीं देगी, बल्कि गारंटर की भूमिका निभाएगी। बैंक और वित्तीय संस्थान इस योजना के तहत राशि उपलब्ध कराएंगे।
अधिकतम 60 दिनों तक अग्रिम राशि दी जाएगी
वित्त विभाग के अनुसार, सरकार ने इस योजना को अल्पावधि और दीर्घावधि दो श्रेणियों में विभाजित किया है। अल्पावधि श्रेणी के तहत अधिकतम 60 दिनों तक अग्रिम राशि दी जाएगी। यदि कर्मचारी तय समय के भीतर राशि लौटा देते हैं तो उन पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगेगा। वहीं, दीर्घावधि श्रेणी में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके वेतन या पेंशन का 30 गुना तक अग्रिम मिल सकेगा।
'कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े'
योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि मासिक वेतन या पेंशन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, ताकि कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो योजना के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा।
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वित्त विभाग की ओर से क्या कहा गया?
वित्त विभाग की ओर से बताया गया कि ओर से बताया गया कि अब बिहार सरकार के कर्मचारी और पेंशनर अपना वेतन और पेंशन की राशि को एडवांस के तौर पर ले पाएंगे। यह एडवांस राशि दो माह तक के लिए मिलेगी। अगर जल्दी (अगले माह) इसे वापस देते हैं तो इस पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस यानी डिजिटल होगी। सभी तरह के शुल्क और ब्याज की जानकारी भी सार्वजनिक रहेगी।