फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RJD Party : 100 करोड़ के घोटाले में लालू यादव और तेजस्वी यादव भी फंसेंगे? आलोक मेहता पर ED की कार्रवाई चल रही

Fri, 10 Jan 2025 01:08 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के कद्दावर नेता, राज्य के पूर्व मंत्री और उजियारपुर विधायक आलोक मेहता ईडी की जांच के जद में हैं। क्या यह मामला भी लालू यादव, तेजस्वी यादव और उनके परिवार तक पहुंचेगा?
विज्ञापन
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से गहरे जुड़े हैं विधायक आलोक मेहता। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय, यानी ईडी लगातार राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, छोटे बेटे व बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, बड़ी बेटी व पाटलिपुत्र सांसद मीसा भारती आदि की जांच में लगी है। जब-तब पूछताछ होती रहती है। बाकी घोटालों के साथ इन दिनों रेलवे भर्ती के लैंड फॉर जॉब केस में लगातार पूछताछ चल रही है। तो, क्या ईडी आलोक मेहता के ताजा मामले में भी जांच की आंच लालू परिवार तक पहुंचेगी? इस सवाल का जवाब लोग समझना चाह रहे हैं, क्योंकि राजद विधायक और पूर्व मंत्री आलोक मेहता पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ गहरे जुड़े हैं।

विज्ञापन


आलोक मेहता की जांच का मामला पहले समझ लें
आलोक मेहता दि वी. एस. वी. को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष रहे थे। भारतीय रिजर्व बैंक से रजिस्टर्ड इस को-ऑपरेटिव बैंक में करीब 100 करोड़ का घोटाला सामने आया था, जिसके बाद आरबीआई ने इसके कारोबार पर रोक लगा दी थी। इसमें हजारों निवेशकों के करीब 100 करोड़ की रकम गायब हुई थी। दो कोल्ड स्टोरेज के नाम पर 60 करोड़ का गबन और फर्जी गारंटी-कागजातों पर लोन निकासी का मामला सामने आया था। माना जा रहा है कि इस केस में आलोक मेहता की सीधी भूमिका है, इसलिए इससे जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए देशभर में उनसे संबंधित हर स्थान पर एक साथ ईडी की टीम पहुंची।

क्या लालू-तेजस्वी के भी घिरने के आसार हैं इसमें
बैंक से जुड़े हेरफेर में लालू प्रसाद यादव या तेजस्वी यादव के घिरने की बात अबतक सामने नहीं आयी है। यह घोटाला साबित हुआ तो उस समय बैंक के अध्यक्ष रहे आलोक मेहता ही फंसेंगे। अगर इस हेरफेर के कागजातों की जांच के दौरान लालू परिवार के साथ लेनदेन कहा हिसाब मिलता है, तभी वह फंसेंगे। अभी तक ऐसी कोई आशंका लालू परिवार को नहीं है, क्योकि यह बैंक घोटाला आलोक मेहता तक ही सीमित माना जा रहा है। बस एक आशंका यह राजद नेताओं को भी है कि कहीं इतने करीबी विधायक के पास लालू परिवार से जुड़े किसी घोटाले का कोई दस्तावेज ताजा जांच में न मिल जाए। अभी इस मामले में आलोक मेहता का कोई पक्ष सामने नहीं आया है। उनका मोबाइल भी बंद है। जहां तक राजद का सवाल है तो पार्टी नेताओं ने इस बार भी विपक्ष को ईडी-सीबीआई के जरिए परेशान कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें