डॉ बालमुकुंद और सीसीटीवी में कैद एक्सीडेंट की तस्वीर
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शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बालमुकुंद की बख्तियारपुर फोरलेन पर सड़क हादसे में मौत हो गई। मोकामा से बख्तियारपुर के बीच एक जगह पर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। वहां कुछ दूरी तक गाड़ियां गलत लेन से चलती हैं। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार की टक्कर डॉक्टर बालमुकुंद की कार से हो गई। इस घटना में उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पीछे से आ रही एक कार के कैमरे में यह हादसा रिकॉर्ड हो गया। रविवार दोपहर वह पटना से बेगूसराय आ रहे थे, इसी दौरान यह हादसा हुआ था।
एक साल पहले पत्नी की हुई थी मौत
करीब एक साल पहले उनकी पत्नी डॉक्टर अमृता की डेंगू से मौत हो गई थी। उनके तीन छोटे बच्चे,दो बेटियां और एक बेटा है। बुजुर्ग पिता भी बीमार रहते हैं। शहर के भारद्वाज गुरुकुल के निदेशक शिवप्रकाश भारद्वाज ने बताया कि 2017 में भीषण सड़क हादसे में डॉक्टर बालमुकुंद किसी तरह बच गए थे, लेकिन उनकी मां की मौत हो गई थी। 2023 में दिवाली के दिन उनकी पत्नी का निधन हुआ और अब एक और सड़क हादसे में उनकी जान चली गई।
मौत की खबर मिलते ही जिले में पसरा मातम
इस संबंध में शिवप्रकाश ने कहा कि शिवरात्रि के ब्रह्मकुमारी कार्यक्रम में उनकी आखिरी मुलाकात हुई थी। 1984 से 1991 तक सेंट पॉल्स स्कूल में बिताए बचपन के दिन कभी नहीं भूल सकते। जब भी जरूरत पड़ी, डॉक्टर बालमुकुंद और उनकी पत्नी मदद के लिए खड़े रहे। वे सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों के लिए एक मजबूत सहारा थे। उन्होंने कहा कि, "समझ नहीं आ रहा, काल उनके साथ इतना क्रूर क्यों रहा। वही इस घटना की जानकारी पाकर बेगूसराय शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉक्टरों द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह को भी रद्द कर दिया गया है। फिलहाल बेगूसराय में डॉक्टर बालमुकुंद के हादसे में मौत के बाद से लोगों में मातम पसरा है। वह काफी मिलनसार स्वभाव के थे।