बिहार के बजट में महिलाओं पर फोकस।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार महिलाओं की स्थिति पर बात करते हैं। कभी वह सुरक्षा की बात करते हैं तो कभी उनके आत्मनिर्भर होने की। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में सीएम की इसी सोच को वित्त विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने दिखाया। सम्राट ने सीएम के विजन की चर्चा करते हुए बताया कि कैसे अब राज्य के सभी प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बस चलाई जाएगी और पिंक बस में स्टाफ भी महिलाएं ही नियुक्त होंगी। सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए टू-थ्री व्हीलर खरीदने में अनुदान देने का एलान किया। सरकार ने कामकाजी महिलाओं एवं महिला सिपाहियों के आवासन से लेकर गरीब लड़कियों की शादी तक में सुविधा देने की तैयारी बताई। इसके साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में महिलाओं को अवसर देने के लिए छठ को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने का भी एलान किया। जानें, सारी घोषणाएं...
- राज्य के प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बस का परिचालन किया जाएगा, जिसमें सवारी, चालक और सभी कंडक्टर भी महिलाएं होंगी।
- चालक एवं कण्डक्टर के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम से चालक, कण्डक्टर एवं डिपो मेन्टेनेंस स्टाफ के पदों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की जायेगी।
- महिला स्व-रोजगार को बढ़ावा देने हेतु महिला चालकों को ई-रिक्शा एवं दो पहिया वाहन के व्यावसायिक परिचालन हेतु क्रय करने पर नगद अनुदान का प्रावधान किया जाएगा।
- राज्य के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षक भी महिलाएँ होंगी।
- राज्य के प्रत्येक पंचायत में गरीब कन्याओं के विवाह हेतु राज्य सरकार के द्वारा चरणबद्ध तौर पर कन्या विवाह मण्डप का निर्माण कराया जाएगा ताकि बहुत ही कम शुल्क पर विवाह भवन एवं विवाह से संबंधित सभी सुविधायें उपलब्ध हो सकें तथा इसका संचालन भी महिला स्वयं समूहों द्वारा ही कराया जायेगा।
- पटना में महिला हाट की स्थापना की जाएगी एवं अन्य सभी बड़े शहरों में स्थापित व्यापार स्थल (Vending Zone) में महिलाओं के लिए स्थल को कर्णाकित किया जाएगा।
- राज्य के सभी शहरों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में एक माह के अंदर 20 पिक टॉयलेट स्थापित किये जायेंगे।
- राज्य के प्रमुख शहरों मे कामकाजी महिलाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना एवं संचालन हेतु पृथक नियमावली एवं कार्य योजना तैयार किया जाएगा।
- पर्व त्योहार विशेषकर महिलाओं द्वारा संचालित छठ पूजा के अवसर पर धार्मिक पर्यटन योजना की शुरूआत की जायेगी। इसमें होम स्टे को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद प्रदान किया जाएगा।
- प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं को पर्यटन गाईड के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
- महिला सिपाहियों को पदस्थापन थाने के आस-पास आवासन सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किराये पर आवास लेकर आवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।