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Bihar : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ज्वाइन करने आए आठ अभियंताओं के कागज निकले फर्जी, प्राथमिकी दर्ज

Fri, 29 Nov 2024 08:09 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : आठ कनीय अभियंताओं पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि नौकरी करने के लिए उन लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किये थे। अब पुलिस उन पर कार्हैरवाई कर रही है।
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कोतवाली थाना पटना - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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पटना पुलिस ने आठ कनीय अभियंता (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) पर प्रमाण-पत्र/अंक पत्र दिए जाने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिनपर कार्रवाई की गई है वह सीवान, लखीसराय, बेगूसराय, सुपौल, समस्तीपुर, मधुबनी और पटना के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ उक्त अभ्यर्थियों के विरूद्ध सचिवालय थाना, पटना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए संबंधित अभ्यर्थियों को नियमानुकूल कार्रवाई के निमित्त पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि अभ्यर्थियों ने स्वयं के प्रमाण-पत्रादि फर्जी होने एवं स्वयं का अभ्यर्थित्व वापस लेने संबंधी घोषणा-पत्र जमा किया है।

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आरोपियों में दो महिला भी हैं शामिल 
पुलिस ने सिवान जिला के पचरुखी थाना क्षेत्र अंतर्गत आलापुर निवासी उमाशंकर सिंह के पुत्र नीतीश कुमार सिंह, लखीसराय जिला के सूर्यगढ़ा निवासी शंकर साव के पुत्र मणिकांत कुमार, बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकयदु गांव निवासी अलाउद्दीन का पुत्र मोहम्मद फैजुद्दीन, बेगूसराय निवासी  नरेंद्र कुमार का पुत्र राजेश कुमार, पटना परसा निवासी प्रदीप सिन्हा की पुत्री मोनिका कुमारी, सुपौल जिला निवासी शिवचंद्र मंडल की पुत्री प्रियंका कुमारी, समस्तीपुर जिला के मथुरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सारी गांव निवासी  ईश्वर प्रसाद चौधरी के पुत्र दिलीप कुमार चौधरी और मधुबनी जिला के पंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडोल गांव निवासी सुरेश पासवान के पुत्र मनीष कुमार पर कार्रवाई की गई है।

जमा किये थे फर्जी प्रमाणपत्र
पुलिस का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में विज्ञापन संख्या-01/2019 के अंतर्गत कनीय अभियंता (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) के पद पर नियुक्ति संबंधी मामले में दिनांक 29 नवंबर से 30 नवंबर 2024 को बिहार तकनीकी सेवा आयोग कार्यालय, पटना में अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया  गया था। 29 नवंबर 2024 को दस्तावेज सत्यापन के क्रम में आठ अभ्यर्थी ऐसे पाये गये, जिनके प्रमाण-पत्र/अंक पत्र जाँच के क्रम में फेक पाये गये। फेक प्रमाण पत्र की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने उक्त अभ्यर्थियों के विरूद्ध सचिवालय थाना, पटना में प्राथमिकी दर्ज कराया। उक्त अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा स्वयं के प्रमाण-पत्रादि फर्जी होने एवं स्वयं का अभ्यर्थित्व वापस लेने संबंधी घोषणा-पत्र / आवेदन समर्पित किया गया है। दस्तावेज सत्यापन कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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