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BPSC Exam Protest : किसकी सलाह पर प्रशांत किशोर ने साधी चुप्पी? बीपीएससी परीक्षार्थियों के साथ बैठे हैं अब भी

सार

Bihar News : बीपीएससी परीक्षार्थियों के साथ पटना के गांधी मैदान में आंदोलन के साथ आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार दोपहर तक जो बोला, लेकिन अब डॉक्टरों ने उन्हें चुप रहने की सलाह दी है।
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प्रशांत किशोर के स्वास्थ्य की जांच करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रशांत किशोर आमरण अनशन पर हैं। इस बीच उनके वैनिटी वैन को लेकर विवाद गहराया हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल ने भी वैनिटी वैन को लेकर उन्हें घेरा। रविवार को उन्हें इसपर जवाब भी दिया। इसके पहले वह लगातार मीडिया से भी बात कर रहे थे और आंदोलनकारी छात्रों को भी बीच-बीच में संबोधित-उत्साहित कर रहे थे। लेकिन, अब ऊर्जा बचाने और स्वस्थ रहने के ख्याल से डॉक्टरों ने उन्हें चुप रहने की सलाह दी है। 'अमर उजाला' उनके पास दो सवाल लेकर गया था- 1. एक केंद्र की पुनर्परीक्षा हो गई, जनवरी में रिजल्ट आ जाएगा तो फिर इस आंदोलन का प्रारूप क्या यही रहेगा? और, 2. अगर सरकार से उम्मीद खत्म हो चुकी है तो अनशन की जगह कोई दूसरा रास्ता होना चाहिए या यही सही है? इन दो सवालों का जवाब उनसे मांगा गया तो उनके साथ रहे लोगों ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर देखने आए थे। उन्हें बोलने के लिए मना किया है। इसलिए, बात नहीं करेंगे।

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अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर। - फोटो : सोशल मीडिया।
राहुल-तेजस्वी यादव प्रशांत किशोर की अपील
डॉक्टर की सलाह से पहले जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार यानी अपने आमरण अनशन के चौथे दिन गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के नीचे प्रेस वार्ता की। उन्होंने बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ अपनी मुहिम को और मजबूती से जारी रखने की बात कही। प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने स्पष्ट रूप से कहा, यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह बिहार की खराब व्यवस्था के खिलाफ है। मैं तमाम राजनीतिक पार्टी से ये अपील करता हूं कि चाहे वो तेजस्वी यादव हों, राहुल गांधी हों, या कोई और नेता, वे हमारे साथ आएं। मैं उनके पीछे बैठकर इस आंदोलन का समर्थन करूंगा। अगर युवा तय कर लें कि वे नेता इसका नेतृत्व करेंगे, तो मैं पीछे हटने के लिए तैयार हूं।

बिहार के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं
प्रशांत किशोर ने साफ़ कहा, हमारा संघर्ष एक युवा नेतृत्व वाली जन शक्ति के रूप में जारी रहेगा। सरकार चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, जन बल से अधिक कोई बल नहीं है। इन युवाओं की कमिटमेंट मेरी अपेक्षा से कहीं ज्यादा मजबूत है। उन्होंने बिहार के लोगों से आह्वान करते हुए कहा, यह लड़ाई सिर्फ BPSC की नहीं, यह बिहार की व्यवस्था को सुधारने की है। युवाओं का इस संघर्ष में साथ देना आवश्यक है। हम सिर्फ गांधी मैदान में बैठकर नहीं, बल्कि सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर बिहार के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 
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