Bihar News : बिहार के शिक्षकों के द्वारा शिक्षा विभाग का विरोध लगातार हो रहा है लेकिन सरकार अपनी बात पर अडिग है। इसलिए सोमवार को 107 शिक्षक व शिक्षिकाओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। इनका कहना है कि सरकार उनके साथ गलत कर रही है।
भागलपुर के 107 शिक्षक व शिक्षिकाओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। इन शिक्षक और शिक्षिकाओं का कहना है कि के के पाठक ने के बार आदेश निकाला कि शिक्षकों से पढ़ाई लिखाई के अलावा कोई काम नहीं लिया जाएगा। और अब हमलोगों से बीएलओ का काम करवा रहे हैं। एक तरफ हमलोग स्कूल में काम कर रहे हैं और फिर छुट्टी के बाद हमलोगों से बीएलओ का काम लिया जा रहा है। इनके तानाशाह रवैये से तंग आकर हमलोगों ने बीएलओ पद से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन
मेल पर भेजा इस्तीफा
शिक्षकों का कहना है कि हमने निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी भागलपुर को अपना त्यागपत्र मेल के द्वारा भेज दिया है। उन्कम्कह्नाहाई कि इस बात की शिकायत लेकर हम डीएम के पास भी गए थे लेकिन अब तक उन्होंने भी इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया। इसलिए हमलोग थक हारकर आज सभी एक मत होकर बीएलओ पद से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि रविवार होने की वजह से आज कार्यालय बंद था इसीलिए इस्तीफा मेल पर भेज दिया गया है।
इन वजह से चर्चा में रहे हैं आईएएस के के पाठक
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक अपने फैसलों को लेकर लगातार चर्चा में रह रहे हैं। विगत 29 अगस्त को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने एक पत्र जारी करते हुए रक्षा बंधन को सरकारी स्कूलों की छुट्टी रद्द कर दी थी। जारी किए गये पत्र के अनुसार दशहरा, दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ की छुट्टियां भी काट दी गई थी। इससे पहले उन्होंने शिक्षकों को जींस-टीशर्ट पहनने पर पाबंदी लगा दी थी जिसको लेकर के के पाठक खूब चर्चा में रहे। के के पाठक ने स्कूल के शिक्षकों के बाद कोचिंग संचालकों को भी नहीं बक्शा। उन्होंने कोचिंग संचालकों को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखने का आदेश दिया था। जिसके बाद कोचिंग संचालक संगठनों ने के के पाठक का जमकर विरोध किया था।