फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: नालंदा में एनडीए का शक्ति प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री निशांत बोले- 2005 से पहले के बिहार को न भूलें

Tue, 13 Oct 2026 05:36 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा

सार

नालंदा में एनडीए की चुनावी सभा में निशांत कुमार ने मतदाताओं से 2005 से पहले के बिहार को याद कर मतदान करने की अपील की। उन्होंने शिक्षा और सुशासन में बदलाव गिनाए। नीरज कुमार ने एनडीए प्रत्याशियों की जीत का आह्वान किया।

विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने नालंदा में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पटना स्नातक क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार नवल किशोर यादव के समर्थन में बिहारशरीफ स्थित श्रम कल्याण केंद्र मैदान में चुनावी जनसभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में शिक्षकों, स्नातकों और गठबंधन कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पिता नीतीश कुमार का आशीर्वाद लेकर चुनाव प्रचार में उतरे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के संबोधन से युवाओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

विज्ञापन


2005 से पहले के बिहार और सुशासन की तुलना
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी 23 अक्टूबर को मतदान करने से पहले वर्ष 2005 से पहले के बिहार की स्थिति को जरूर याद करें। उन्होंने कहा कि उस दौर में राज्य में डर और भय का माहौल था। शाम होते ही लोग घरों में कैद हो जाते थे। समाज में आए दिन सांप्रदायिक तनाव और विवाद होते थे तथा बुनियादी सुविधाओं का भी भारी अभाव था।

उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था की बहाली को प्राथमिकता दी गई। निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने राजनीति को कभी पद या प्रतिष्ठा हासिल करने का जरिया नहीं माना, बल्कि इसे जनसेवा और सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया।

शिक्षा और तकनीकी संस्थानों का हुआ विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले दो दशकों में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साइकिल और पोशाक योजनाओं ने छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाया, जबकि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करने के रास्ते आसान किए।

उच्च शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार में केवल दो इंजीनियरिंग कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की संख्या छह से बढ़कर 12, आईटीआई की संख्या 23 से बढ़कर 152 और पॉलिटेक्निक संस्थानों की संख्या 13 से बढ़कर 46 हो गई है। इसके अलावा आईआईटी पटना, आईआईएम बोधगया और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों ने भी राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था के विस्तार में योगदान दिया है।

विज्ञापन


पढे़ं: पटना में एक बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े AISA-RYA के प्रदर्शनकारी; डाकबंगला चौराहे की ओर आवाजाही प्रभावित

'एन' फॉर्मूले से साधा सियासी समीकरण, विरोधियों पर निशाना
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा। 'जय निशांत' के नारों के बीच उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार ने पद छोड़ा था, तब नालंदा के लोगों में भविष्य को लेकर चिंता थी, लेकिन निशांत कुमार पर भरोसा जताकर जनता ने नेतृत्व को लेकर अपनी भावना जाहिर कर दी है।

उन्होंने कहा कि नालंदा का बेटा आगे चलकर देश और दुनिया का बड़ा क्लाइमेट लीडर और ग्लोबल थिंकर बनेगा। नीरज कुमार ने दावा किया कि निशांत कुमार के राजनीति में आने से विरोधी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान नीतीश कुमार की राजनीति से है और अपने नेता पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नीरज कुमार ने 'एन' से नीतीश कुमार, 'एन' से निशांत कुमार और 'एन' से नीरज कुमार का सियासी समीकरण पेश करते हुए मतदाताओं से एनडीए प्रत्याशियों को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाने की अपील की।

विज्ञापन


मंच पर दिखा एनडीए का शक्ति प्रदर्शन
चुनावी जनसभा में एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 'बिहार का सीएम कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो' के नारे भी लगाए। सभा में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन, मंत्री दामोदर रावत, मंत्री दीपक प्रकाश और सांसद अरुण भारती समेत कई विधायक, विधान पार्षद और जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

मंच से एनडीए नेताओं ने दावा किया कि श्रम कल्याण केंद्र मैदान में उमड़ी भीड़ गठबंधन के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाती है। उन्होंने पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, दोनों सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की जीत का भरोसा जताया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें