बिहार में आरक्षण के मुद्दे पर अप्रैल में प्रस्तावित नगरपालिका चुनाव एक बार फिर से टल सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी इसके संकेत दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव के पहले आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विशेष आयोग का गठन नहीं हो पाया है जिसके चलते चुनाव टलने के आसार बढ़ गए हैं। दरअसल इस बात को बल तब और मिल गया जब राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा।
जानें क्या है मामला?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने नगरपालिका चुनाव में आरक्षण की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए विशेष आयोग गठित करने का आदेश दिया है। इसके तहत चुनाव में आरक्षण देने के लिए त्रिस्तरीय निरीक्षण को आधार बनाने के लिए कहा गया है। इसके आधार पर तय किया जाना है कि चुनाव में किन जातियों को पिछड़े वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण के दायरे में रखा जाए।
सरकार को तत्काल विशेष आयोग का गठन करना होगा
समय पर चुनाव कराने के लिए सरकार को तत्काल विशेष आयोग का गठन करना होगा और आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को भी पूरा करना होगा ताकि पिछड़ा वर्ग आयोग इसपर हरि झंडी दे सके। पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी अनुशंसा सरकार को देगा और फिर सरकार विधानसभा में इसे अंतिम रूप देगी।