बक्सर के केन्द्रीय कारागार स्थित ओपेन जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने धूमधाम और पूरे रीति-रिवाज के साथ अपनी लाडली की शादी जेल में ही रचायी।
दहेज रहित इस शादी के गवाह ओपेन जेल में सजा काट रहे दर्जनों कैदी और उनके परिजन बने।
केन्द्रीय कारागार के ओपेन जेल में सजा काट रहे राजपुर थाने के सगरा निवासी जनार्दन कमकर को जेल में रहते हुए बिटिया सुनीता के हाथ पीले करने की चिंता सताने लगी।
इस दौरान उसने अपने चाचा भरत कमकर के सहयोग से बहुआरी गांव निवासी मंटु खरवार से शादी तय कर दी और इसके बाद शुरू हो गई ओपेन जेल से बिटिया की शादी की तैयारी।
सोमवार को जनार्दन ने साथ रहने वाले अन्य कैदियों के साथ मिलकर केन्द्रीय कारागार स्थित ठोरा नदी के किनारे एक मंदिर में बिटिया सुनीता की शादी धार्मिक रीतिरिवाज के बीच धूमधाम के साथ संपन्न की।
दिन में आयोजित इस शादी समारोह में पहुंचे बारातियों ने कैदियों द्वारा बनाये गये पकवान का मजा भी उठाया। हिंदू रीति से संपन्न इस शादी की चर्चा पूरे जेल परिसर में होती रही।
शादी के बाद सुनीता अपने पति मंटू के साथ ससुराल विदा हो गयी। ओपेन जेल के सहायक जेलर ललन कुमार ने बताया कि कैदियों के सहयोग से आयोजित यह समारोह दहेज रहित था और यह पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
ओपेन जेल में सजा के बचे हुए दिन काट रहे कैदियों की इस अनूठी पहल की हर तरफ चर्चा है। मालूम हो कि सरकार द्वारा कैदियों के जीवन को सुधारने, उन्हें सामाजिक रूप से नई जिंदगी के लिए ओपेन जेल का निर्माण कराया है।