राजद कार्यालय में महागठबंधन की बैठक।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बैठकों का दौर जारी है। आज महागठबंधन के घटक दलों के बीच राष्ट्रीय जनता दल के कार्यालय में बैठक हुई दोपहर दो से करीब पांच बजे तक चली गई इस बैठक में राजद, कांग्रेस, वामदल, विकास इंसान पार्टी के प्रमुख नेता शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, भाकपा माले के सचिव कुणाल, वीआईपी से मुकेश सहनी समेत सभी घटक दलों के प्रमुख नेता पहुंचे। बैठक में सीट बंटवारा, मुख्यमंत्री चेहरा समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। लेकिन, कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? यह बात स्पष्ट नहीं हुई। प्रेस वार्ता के वक्त किसी भी दल के प्रमुख नेता ने इस सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सभी इस सवाल को टालते गए। लेकि, तेजस्वी यादव ही बिहार में इंडिया महागठबंधन का नेतृत्व करेंगे, यह बात स्पष्ट हो गई। बिहार कांग्रेस प्रभारी ने स्पष्ट कह दिया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी बिहार चुनाव पर काम करेगी।
पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि आज महागठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेता पहुंचे हैं। यह एक रूटीन बैठक है। जो पहले होती रही है, यह उसकी ही श्रृंखला है। हमलोग एकजुट हैं। जनता के असली सरोकारों को केंद्र में रखकर बिहार में बदलाव सुनिश्चित किया जायेगा। अब सिर्फ व्यापक परिवर्तन की ही बात होगी।
तेजस्वी ने कहा था- इस बार एनडीए की सरकार नहीं बनने जा रही है
वहीं दो दिन पहले कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव
महागठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगी। तेजस्वी ने दावा किया कि इस बार एनडीए की सरकार नहीं बनने जा रही है। वहीं महागठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा? इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने कुछ नहीं कहा। तेजस्वी यादव ने कहा कि 17 अप्रैल को पटना में बैठक होगी। इसके बाद सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। तेजस्वी यादव के साथ बैठक में राजद सांसद मनोज झा भी शामिल थे।
दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष यह बात कर चुके हैं साफ
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राजद कार्यालय में महागठबंधन की बैठक से यह स्पष्ट है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ही इसका नेतृत्व करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री चेहरा पर ही तेजस्वी के नाम ही मुहर लगेगी। दो दिन पहले तेजस्वी यादव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह बैठक हो रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी स्पष्ट कह चुके हैं कि इस बार, बिहार में बदलाव निश्चित है। आने वाले चुनाव में बिहार की जनता को हम एक सशक्त, सकारात्मक, न्यायप्रिय व कल्याणकारी विकल्प देंगे। भाजपा और उसके अवसरवादी ठगबंधन से बिहार को मुक्ति मिलेगी। युवा, किसान-मज़दूर, महिलाएं, समाज के पिछड़े, अति पिछड़े व अन्य सभी वर्ग के लोग महागठबंधन की सरकार चाहते हैं।
मुकेश सहनी बिहार चुनाव में 60 सीटें लेंगे? महागठबंधन से पशुपति पारस को न्यौता क्यों नहीं?