बिहार में 'जन सुराज' पदयात्रा की शुरुआत दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण से होने जा रही है। पदयात्रा की शुरुआत दो अक्तूबर को सुबह साढ़े 11 बजे भितिहरवा गांधी आश्रम से होगी। यहपद यात्रा अगले डेढ़ साल में बिहार के कोने-कोने में पहुंचेगी।
अलग-अलग जिलों तक पहुंचने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार के अलग-अलग जिलों तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। इस पदयात्रा के जरिए वे जन सुराज की सोच को पूरे राज्य की जनता तक पहुंचाना चाहते हैं।
लोगों से मुलाकात की जाएगी
इस पदयात्रा के जरिए से बिहार के हर गली-गांव, शहर-कस्बों के लोगों से मुलाकात की जाएगी। उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। उनसे सलाह ली जाएगी। पदयात्रा के बाद विकास के 10 सूचकांकों लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी किया जाएगा। सभी समस्यायों का समाधान भी बताया जाएगा।
नई राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत
इससे पहले प्रशांत किशोर ने बताया था कि बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत है। सत्ता परिवर्तन, नहीं एक नई व्यवस्था। अगर पदयात्रा के बाद सब लोगों की सहमति से कोई दल बनता भी है तो वह राज्य की जनता का दल होगा। प्रशांत किशोर का दल नहीं होगा। सबकी सहमति के बाद ही कोई दल बनाया जाएगा।