भ्रष्टाचार और जालसाजी को लेकर बिहार की महागठबंधन सरकार सख्ती दिखा रही है। राज्य सरकार ने इसी क्रम में भ्रष्टाचार के आरोपों में दो IPS अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इन दोनों अधिकारियों के नाम क्रमश: आदित्य कुमार और दयाशंकर हैं। इतना ही नहीं, आदित्य कुमार फिलहाल फरार चल रहे हैं उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उन्हें फर्जी चीफ जस्टिस बन डीजीपी एसके सिंघल को फोन करने के मामले निलंबित किया गया है।
आदित्य कुमार गया के पूर्व एसएसपी और वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक के सहायक (निरीक्षण) के पद पर थे। आदित्य कुमार वर्ष 2011 बैच के आइपीएस हैं। आरोप है कि जब वे गया के एसएसपी थे तब उनकी शराब माफिया से साठ-गांठ थी। इस मामले में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है। इस कार्रवाई से बचने के लिए ही उन्होंने अपने दोस्त अभिषेक अग्रवाल से मिलकर फर्जी कॉल की साजिश रची थी। उनके खिलाफ जालसाजी का मामला भी चल रहा है। फिलहाल वह फरार हैं।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी हैं दयाशंकर
गौरतलब है कि निलंबन से पहले दयाशंकर पूर्णिया के एसपी थे। उन्हें आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोपी पाया गया था। दरअसल, हाल ही में उनके आवास और पटना के ठिकानों पर एसयूवी ने छापेमारी की थी। छापेमारी में दयाशंकर के ठिकानों से 14 लाख नकद और 72 लाख रुपये का सोना बरामद हुआ था। इतना ही नहीं, उनके कई फ्लैट, दुकान और महंगी गाड़ियां होने का पता भी चला था।