एमडी बियाडा एवं आईडा कुंदन कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने एमनेस्टी पॉलिसी 2025 और एग्जिट पॉलिसी 2025 के तहत आवेदन की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर अब 30 जून 2026 कर दी है। एमनेस्टी पॉलिसी 2025 के तहत उद्योगों से जुड़े पुराने और लंबित मामलों को सुलझाने का मौका दिया जा रहा है, जिससे उद्यमियों को राहत मिलेगी और बंद पड़ी परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने में मदद मिलेगी।
विवाद खत्म करने का खुलेगा रास्ता
एग्जिट पॉलिसी 2025 के तहत बंद, निष्क्रिय या विवाद में फंसी औद्योगिक इकाइयों के मालिक अपनी आवंटित जमीन को स्वेच्छा से BIADA को वापस कर सकते हैं। इससे उन्हें मुआवजा मिलने की संभावना बनेगी और विवाद खत्म करने का रास्ता भी खुलेगा।
मंत्री ने क्या बताया?
इस बारे में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, आसान और प्रोत्साहन देने वाला माहौल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समय-सीमा बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों को अपनी समस्याएं सुलझाने का मौका मिलेगा और राज्य में नए निवेश का रास्ता साफ होगा।
ये भी पढ़ें:
खनन से मालामाल बिहार; 3592 करोड़ की वसूली, नियम तोड़ने वाली 78 कंपनियां टेंडर से हुईं बाहर
औद्योगिक संपत्तियों के इस्तेमाल की दिशा में कदम
वहीं, उद्योग विभाग के सचिव सह एमडी BIADA एवं आईडीए कुंदन कुमार ने कहा कि यह फैसला औद्योगिक संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में एक अहम कदम है। इससे बंद और विवादित इकाइयों की जमीन को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा, जिससे नए निवेशकों को अवसर मिलेगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इस पहल के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। उद्योग विभाग ने सभी उद्यमियों और निवेशकों से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय-सीमा का पूरा फायदा उठाएं और तय समय के अंदर आवेदन जरूर करें।