बिहार में बाढ़ के हालात बदतर होते जा रहे हैं। राज्य में 11 जिलों के नए इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन जिलों में करीब 24.5 लाख बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं दूसरी ओर असम में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने असम में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान जताया है। इससे राज्य में बाढ़ की स्थिति फिर भयावह हो सकती है।
बिहार सरकार ने बताया कि 11 जिलों के 93 ब्लॉक के 765 पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से सबसे अधिक प्रभावित दरभंगा जिला है। जिले के 14 ब्लॉक के 8.87 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सीतामढ़ी, श्योहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, खगड़िया और सारण जिले भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
एनडीआरएफ की 17 और एसडीआरएफ की 8 टीमें राहत और बचाव कार्यों में लगी हुर्ठ है। इन टीमों ने 1.67 लाख लोगों को जलमग्न इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। राज्य में बारिश और बाढ़ में 10 लोगों की मौत हुई है। राज्य में गंगा, गंडक और अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
वहीं असम के 33 में से 22 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। यहां 24,68,307 लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 129 हो गई है। 64 राजस्व सर्किल में करीब 2252 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। 267 राहत कैंपों में 46,653 से अधिक लोग शरण लिए हैं। जोरहाट, तेजपुर और गोलपाड़ा और धुबड़ी जिलों में ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रही है।
काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। हालांकि अभी पार्क का 80 फीसदी क्षेत्र जलमग्न है और अब एक सींग वाले 14 गैंडों समेत 132 जानवरों की जान जा चुकी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से 162 जानवरों को सुरक्षित निकाला भी गया है। बाढ़ के चलते राज्य में 1,10,066,05 हेक्टेयर फसली जमीन जलमग्न है।