सभी नदियों के जल स्तर की नियमित निगरानी की जा रही
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करें। अब तक किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति की सूचना नहीं आई है। यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन स्थापित कर लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है। गया के कार्यपालक अभियंता (बाढ़ नियंत्रण) द्वारा जिले की सभी नदियों के जल स्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। हर दो घंटे में जल स्तर की माप ली जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से पहले उचित कदम उठाए जा सकें। जिला प्रशासन की तत्परता से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।