खगड़िया के अलौली प्रखंड स्थित बहादुरपुर थाना के एसएचओ और अन्य 5 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उनके विरुद्ध अब विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर खगड़िया एसपी राकेश कुमार के द्वारा की गई है।
थानाध्यक्ष ने गाड़ी में खुद रखवायी थी शराब
बीते 13 मार्च को देर रात अलौली थाना क्षेत्र के पड़री सरपंच आशुतोश कुमार अपने परिवार के अन्य 5 सदस्य के साथ एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद अपने
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हुई कार्रवाई
घटना के बाद पीड़ित सरपंच ने इस मामले में बेगूसराय के डीआईजी आशिष भारती के पास आवेदन देकर गुहार लगाया था। जिसमें डीआईजी के निर्देश पर एसपी ने सदर एसडीपीओ-2 से इसकी जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि आवेदक द्वारा लगाया गया आरोप सही है। जिसके बाद सभी को निलंबित किया गया था। इधर मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी पर अलौली थाना में कांड संख्या 117/25 धारा- 127(2)/308(2)/3(5) बी.एन.एस. एवं 50(D) बिहार मधनिषेद एवं उत्पाद संशोधित अधिनियम-2018 एवं एससी-एसटी एक्ट में दर्ज की गई है।
हाजत से निकाल एटीएम से निकलवाए रुपये
बहादुरपुर थाना पुलिस के द्वारा इस मामले में पीड़ित को हाजत से निकालकर खगड़िया सीमा के बाहर बखरी में ले जाया गया था। जहां एक एटीएम से पुलिस ने पीड़ित से 80 हजार रुपये निकलवाए। पुलिस की जांच में जब एटीएम की फूटेज को खंगाला गया तो पीड़ित का आरोप सत्य पाया गया। जिसमें बहादुरपुर थाना के पुलिस कर्मियों की काली करतूत कैद मिली। जिन निलंबित पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज किया गया है उनमें पुलिस निरीक्षक सह ओपी अध्यक्ष अजय कुमार, चालक सिपाही नागेश्वर राम, सिपाही मनोज कुमार, सिपाही भीम कुमार, चौकीदार सुरेश कुमार और चौकीदार दीपक कुमार नाम शामिल है। इधर पुलिस के इस कार्रवाई पर वरीय अधिवक्ता अजिताभ सिन्हा ने कहा कि ऐसी कार्रवाई से लोगों का विश्वास पुलिस पर बढेगा।