सरकारी दफ्तरों में शराब चलने का प्रमाण मिलता रहता है। इस बार समस्तीपुर समाहरणालय परिसर, यानी कलेक्ट्रेट में शराब की खाली बोतलें मिली हैं। समस्तीपुर के जिलाधिकारी (DM) जहां बैठते हैं, उससे करीब 100 मीटर दूर परिवहन कार्यालय के पीछे।
बिहार में शराबबंदी के पौने सात साल में कितनी बार सरकार सरकारी अफसरों, कर्मियों और पुलिसकर्मियों को शराब नहीं पीने की शपथ दिला चुकी है, लेकिन सुधार का प्रमाण नहीं मिल रहा। सरकारी दफ्तरों में शराब चलने का प्रमाण मिलता रहता है। इस बार समस्तीपुर समाहरणालय परिसर, यानी कलेक्ट्रेट में शराब की खाली बोतलें मिली हैं। समस्तीपुर के जिलाधिकारी (DM) जहां बैठते हैं, उससे करीब 100 मीटर दूर परिवहन कार्यालय के पीछे। मंगलवार को जब यह तस्वीरें सामने आईं तो आबकारी विभाग ने जानकारी नहीं होने और तस्वीरों के आधार पर इसे पुराना बताया। जबकि, हकीकत यह है कि बोतलें इस बरसात के भी बाद की लग रही हैं। इनके डब्बे तक नहीं गले हैं।