कोरोना संकट के बीच बिहार चुनाव को लेकर अब राजनीतिक पार्टियों की बयानबाजी भी शुरू हो गई है। शुक्रवार को लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान द्वारा बिहार चुनाव को टालने के संकेत देने पर शनिवार को बीजेपी नेता ने भी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी नेता संजय पासवान ने कहा, 'जो लोग इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं, चाहे वे हमारे सहयोगी हों या विपक्षी, लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते। चुनाव आयोग चुनाव कराने में सक्षम है।
बीजेपी नेता ने कहा, 'ऐसा लगता है कि यह सत्ता में बने रहने के लिए राम विलास जी की रणनीति का हिस्सा है। हमारे वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि एनडीए में सब ठीक है इसलिए हम भी मानते हैं कि सब ठीक है। एलजेपी के बिना भी बीजेपी और जेडीयू सरकार में रहे हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार को चिराग ने कहा था कि यह चुनाव लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है और मतदान प्रतिशत भी बहुत कम रह सकता है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में अक्तूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इसके कार्यक्रम के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, 'न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरा देश कोरोना वायरस से प्रभावित है। इसने केंद्र और बिहार के वित्त को प्रभावित किया है। इन सबके बीच चुनाव कराने से राज्य पर और अधिक वित्तीय बोझ बढ़ेगा।'
पासवान ने ट्वीट किया, 'चुनाव आयोग को व्यापक चर्चा के बाद निर्णय लेना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि भारी आबादी खतरे में पड़ जाए। इस महामारी के बीच यदि चुनाव हुए तो मतदान प्रतिशत भी बहुत कम रहेगा, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।' हालांकि, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव के लिए तैयार है।
पासवान की टिप्पणी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर पड़ रही दरार को एक बार भी उजागर कर दिया है क्योंकि भाजपा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत जद(यू) ने अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि वे निर्धारित समय पर चुनाव कराए जाने के खिलाफ हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि महामारी के दौरान चुनाव कराना सही नहीं होगा और उन्होंने राज्य में स्थिति को भयावह बताया था।
बता दें कि रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी केंद्र में एनडीए गठबंधन की सहयोगी पार्टी है और रामविलास पासवान खुद केंद्र में मंत्री है.