चुनावी सभा को संबोधित करते राहुल गांधी
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Bihar Election 2020: कांग्रेस नेता राहुल गांधी कटिहार में तीसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना से लड़ाई के लिए पहले घंटी बजवाई और फिर फोन की लाइट जलवाई, लेकिन बचाव के लिए कोई ठोस फैसला नहीं लिया। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को लूटा है और अब बिहार के लोग उनको जवाब दे रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना संकट में लाखों मजदूर पैदल ही अपने घर आ रहे थे, प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी कोई मदद नहीं की। कांग्रेस ने सड़कों पर तड़प रहे मजदूरों की मदद शुरू की तो उसे रोका गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय गरीबों और मजदूरों को याद करने वाले नीतीश और नरेंद्र मोदी तब कहां थे, जब मजदूर पैदल चल रहे थे। अब वोट मांगने आ रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि ये दोनों सिर्फ अपने अमीर दोस्तों की मदद कर रहे हैं। राहुल ने सवाल किया कि बिहार के लोगों को बाहर जाकर काम करने की जरूरत क्यों पड़ती है, क्यों यहां पर रोजगार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कटिहार में पानी की कोई कमी नहीं है। हर साल यहां बाढ़ आती है। यहां के किसान मक्का खूब उपजाते हैं, लेकिन उन्हें उसकी उचित कीमत नहीं मिलती। पीएम ने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन नोटबंदी कर करोड़ों का रोजगार छीन लिया।
अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए वोट करें
दूसरे चरण के मतदान के बीच प्रचार में राहुल ने जनता से अपनी पसंद की सरकार चुनने के लिए वोट देने की अपील की। कांग्रेस नेता ने किशनगंज की रैली में बेरोजगारी और कमजोर अर्थव्यवस्था पर बात की।
रोजगार का वादा नहीं किया पूरा
राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरते हुए कहा कि उन्होंने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। नीतीश जी ने भी यही वादा किया था। लेकिन दोनों ने अपना वादा पूरा नहीं किया। यदि वादा पूरा किया होता तो बिहार में लाखों युवा बेरोजगार क्यों हैं। नोटबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदीजी ने पूरे देश को लाइन में खड़ा कर दिया था। इस दौरान कोई भी अमीर लाइन में नहीं था केवल गरीब ही लाइन में खड़े थे। प्रधानमंत्री ने गरीबों की जेब से पैसा निकालकर अपने अमीर दोस्तों को दे दिया। वायनाड से सांसद ने कहा कि पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब किसानों को खत्म करने वाला कानून बनाया गया है।