बिहार में का बा..., ई बा, ऊ बा, की नैई छई की गूंज बा..। भोजपुरी बा, मैथिली बा..। गाना बा, बजाना बा, रंगारंग मनोरंजन बा..। रिमिक्स में जमीनी मुद्दा गुम बा। बिहार नरभसाइल, कन्फ्यूजियाइल, भरमाइल बा। आत्मनिर्भर बिहार बा, लेकिन गठजोड़ के बिना केहु के नाहीं आपन सरकार बा...। रोजगार के भरमार बा। रोजगार के साथ बेरोजगारी भत्ता फ्री बा..। ऑफर में मोफत में कोरोना के उपचार बा। जी हां, ई आपन बिहार बा।
बिहार में चीन (गलवां) बा, कश्मीर बा, पुलवामा बा, पाकिस्तान बा, जिन्ना बा। लालटेन 10 लाख के काम लगाई, हाथोंहाथ बेरोजगारी भत्ता थमाई, त एलईडी 19 लाख के रोजगार दी। चिराग के रोशनी के इंतजार बा द। लालटेन इंजोरा खातिर बेकरार बा। ट्यूबलाइट भुकभुकाएल बा। एलईडी चौंधियाइल बा। चाइनीज झालर (मोर्चे) के कोई गारंटी नइखे। लेकिन सब केहु के जगमग दिवाली के इंतजार बा..।
पहले से डबल इंजन की सरकार बा। आउटर पर महागठबंधन एक्सप्रेस के जनता की हरी झंडी के इंतजार बा। यार्ड में गुड्स ट्रेन में माल ढुलाई (बागी) हो गईल बा। सत्ता एक्सप्रेस से जुड़े खातिर अलग-अलग त्योहारी स्पेशल ट्रेनों तैयार बा। सब केहु सीएम की कुर्सी खातिर लपलपाइल बा।
सब नरभसाएल बा। बड़ा भाई- छोटा भाई आपस में भरमाएल बा। भतीजे से मामला कन्फ्यूजियाइल बा। दिल्ली वाला भतीजा कभी दिल्ली वाला चाचा के साथ त कभी बिहार वाले चाचा के खिलाफ बा। तरे-तरे चचेरे भाई के प्रति हमदर्दी बा। बिहार वाला भतीजा हुंकार भरकर दिल्ली वाले चचेरे भाई के साथ अन्याय पर बिहारी चाचा के कोस रहल बा। बिहार वाला भतीजा भी दिल्ली वाले भतीजे को बड़ा भाई मान रहल बा। बड़ा भाई-छोटा भाई के घनचक्कर में सब केहु के हवा खराब बा..।
केहु के निश्चय बा, तो केहु के भरोसा। उठो बिहारी, जागो बिहारी के हुंकार बा। बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट के विजन बा। अनंत ताकत झोंकाइल बा, दागी बा, बागी बा। वर्चुअल व एक्चुअल में अंतर बा। वर्चुअल में हर हनुमान सीना चीर कर दिखा रहल बा, किनके दिल में कौन राम बसते हैं। छोटा भाई के दिल में बड़ा भाई लेकिन छोटा भाई बड़ा के बोझ कम करे खातिर तैयार बा।
दिल्ली वाले भतीजे हनुमान के सीना में बड़े चाचा बसते हैं। डबल इंजन से जुड़े के ख्वाब बा। वर्चुअल में भले सब केहु सीना चीर के अपना-अपना राम दिखाअबता लेकिन एक्चुअल में कोरोना संकट के बीच हो रहल ई चुनाव में हर सियासी चेहरा मॉस्क में ढकाइल बा। दशहरा में तीर निशाने पर लगी कि रोजगार विकास पर हावी होई, दम धरीं, 10 नवंबर तक। मतदाता नसभसनेस,कन्फ्यूजन-भ्रम तोड़ के ईवीएम के जरिये बता दीहें... अब कि बार किनकी दिवाली...।
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