बिहार में कोरोना संक्रमण के बीच इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने भी साफ कर दिया है कि चुनाव तय समय पर ही होंगे। इसे देखते हुए बिहार की राजनीति अभी से ही गर्माने लगी है। ताजा मामला एनडीए के दो सहयोगी दलों के बीच वाक् युद्ध का है।
ललन ने कहा कि जमीनी स्तर की हकीकत कुछ और है लेकिन उनकी समझ कुछ और है। सरकार की खामियों को उजागर करने के संबंध में उन्होंने कहा कि "अच्छी बात है, अगर विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। कहावत है ना निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छबाई। तो निंदक जितनी नजदीक रहे बेहतर है। नीतीश कुमार जी उनपर ध्यान नहीं देते हैं, वो केवल अपना काम करते हैं।"
उन्होंने कहा, " चिराग पासवान ने क्या सवाल खड़ा किया ये वो जानें। जहां तक कोरोना का सवाल है नीतीश कुमार इस मामले में बहुत ही संवेदनशील हैं। आज की तारीख में बिहार में प्रतिदिन 83,000 टेस्ट हो रहा है। इसे अगले तीन दिनों में एक लाख करने का लक्ष्य है। चिराग ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चर्चा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ही 10 राज्यों के मुख्यमंत्री से बात की है। उसमें सामूहिक रूप से उन्होंने कहा कि कोरोना को देखते हुए टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत है, यह तो सामान्य बात है।"
ललन सिंह ने कहा, " वो देश के प्रधानमंत्री हैं, उन्होंने कोरोना की स्थिति को देखते हुए जांच की संख्या को बढ़ाने का निर्देश दिया है। अब पीएम के इस ट्वीट को लेकर चिराग ने बयान दिया है तो वो यह जाने की उनकी कहां पर निगाह है कहां पर निशाना है। लेकिन बिहार में पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग हो रही है।"