पूर्वी क्षेत्रीय परिषद बैठक।
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राज्य हित के मुद्दों पर बिहार सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया
बैठक में बिहार की ओर से श्री ब्रजेश मेहरोत्रा, अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, चैतन्य प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग, डॉ. एस. सिद्धार्थ, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, संदीप पौंडरीक, अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग सहित राज्य सरकार के कई वरीय पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित विशिष्ट बिन्दुओं तथा सामान्यतः राज्य हित के मुद्दों पर राज्य सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। राज्य सरकार की ओर से गुड प्रैक्टिस के अंतर्गत प्रस्तुत स्मार्ट प्रीपेड मीटर सम्बन्धी प्रस्तुतीकरण को पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक हेतु चयनित किया गया है।
जानिए, क्षेत्रीय परिषद के बारे में
देश में केंद्र और राज्यों के बीच मिलकर काम करने की संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम , 1956 के अंतर्गत क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था। इन्हें यह अधिकार दिया गया है कि राज्य आर्थिक और सामाजिक योजना के क्षेत्र में आपसी हित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर विचार-विमर्श कर उसका समाधान करें। इसके अलावा भाषायी, अल्पसंख्यक, अंतर्राज्यीय परिवहन जैसे कई साझा हित के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। इसकी बैठक में नए बिन्दुओं को समाहित करने के अलावा क्षेत्रीय परिषद की पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों के संदर्भ में हुई प्रगति की आकलन किया जाता है।
चारों राज्य वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, माओवादी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में फिर से संगठित होकर अशांति फैलाने की योजना बना रहे हैं। इसके कई साक्ष्य भी पाए गए हैं। हाल में ही बिहार और झारखंड में सुरक्षा एजेंसिंयों द्वारा इसके विरुद्ध अभियान भी चलाए गए हैं। साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को आवश्यक कदम उठाने के लिए परामर्श भी दिए गए हैं।