फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar : तजाकिस्तान में फंसे दर्जनभर श्रमिक, बिहार के आठ युवकों ने सरकार से वापसी की लगाई गुहार

Tue, 31 Jan 2023 05:40 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

Bihar News : दर्जनभर भारतीय मजदूर तजाकिस्तान में कंपनी की मनमानी के कारण फंस गए हैं, जिनमें आठ युवक बिहार के रहने वाले हैं। श्रमिकों ने वतन वापसी की गुहार लगाते हुए परिजनों तक खबर पहुंचाई है कि वहां उन्हें खाने-पीने के लिए लाले पड़े हुए हैं। 
विज्ञापन
भारत के एक दर्जन से ज्यादा लोगों के तजाकिस्तान में फंसे होने की सूचना फोटो के साथ परिजनों तक पहुंची। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तजाकिस्तान कमाने गए और जाकर फंस गए। दर्जनभर भारतीय मजदूर वहां कंपनी की मनमानी के कारण फंस गए हैं, जिनमें आठ युवक बिहार के रहने वाले हैं। सीवान और गोपालगंज जिला निवासी श्रमिकों ने वतन वापसी की गुहार लगाते हुए परिजनों तक खबर पहुंचाई है कि वहां उन्हें खाने-पीने के लिए लाले पड़े हुए हैं। जल्दी कुछ नहीं किया गया तो जान पर खतरा हो सकता है। श्रमिकों ने किसी की मदद से यह जानकारी बिहार में परिजनों तक पहुंचाई है।

विज्ञापन


घर पर नहीं कॉल तक करने से रोक रहे
भारत से लाखों लोग बाहर जाकर कमाते हैं, लेकिन आजकल दलालों ने ठगने का नया फॉर्मूला बना लिया है। कमाई के लिए विदेश भेजने के नाम पर मोटी रकम वसूल कर अपनी मौज करते हैं और गल्फ भेज कर गरीबों को फंसा रहे हैं। फंसे हुए मजदूरों के परिजनों का कहना है कि विदेश भेजने वाली दिल्ली की परी इंटरप्राइजेज ने लाखों रुपये लेकर तजाकिस्तान की TGM को अच्छी और मजदूरों के हित में काम करने वाली कंपनी बताकर काम करने के लिए एक महीने पहले भेजा था। एग्रीमेंट के अनुसार 11 घंटे ड्यूटी से अलग खाने-पीने की जिम्मेदारी कंपनी की थी। लेकिन, वहां पहुंचने के बाद कंपनी मनमानी करने लगी। मजदूरों से 14 घंटे काम कराया जा रहा है और ओवरटाइम भी नहीं दिया जा रहा है। खाना के नाम पर सिर्फ उबला हुआ आलू और चावल के साथ पीने के लिए पहाड़ से बहने वाला गंदा पानी दिया जा रहा है। वह भी समय पर नहीं मिलने के कारण कई मजदूर मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार पड़ गए हैं। मजदूरों को परिजनों से बात करने नहीं दे रहे हैं।

सरकार से लगाई वतन वापसी की गुहार
सीवान के हरदिया बंगरा गांव के रमाकांत कुशवाहा, रमेश कुशवाहा, ओरमा गांव के ओमप्रकाश, तेलियाबांध गांव के मंटू सिंह, नवादा गांव के मोतिम अंसारी, दरौली के मौरवा गांव के नन्द जी, वियही गांव के सुनील कुमार और गोपालगंज के भोरे कल्याणपुर के हरिकेश यादव सहित कई मजदूरों के परिजनों ने सरकार से इनकी जल्द और सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित कराने के लिए गुहार लगाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें