एसकेएमसीएच का दौरा करने पहुंचे नीतीश कुमार
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बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जारी है। यह दिमागी बुखार हर रोज बच्चों की लील रहा है। पिछले 17 दिनों में 128 बच्चों की मौत (समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार 108 बच्चों) होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नींद टूटी है। अब तक सचिवों के जरिये ही इस आपदा की खबर रखनेवाले नीतीश आज मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा करने पहुंचे। नीतीश को देखते ही लोगों का गुस्सा फूट प़ड़ा और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने एसकेएमसीएच अस्पताल के बाहर मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और 'नीतीश गो बैक' और 'नीतीश मुर्दाबाद' के नारे लगाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भीषण गर्मी के कारण लू और दिमागी बुखार से बच्चों की मौतों की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने एसकेएमसीएच को 2,500 बेड के अस्पताल में बदलने के निर्देश दिए। फिलहाल इस अस्पताल में सिर्फ 610 बेड हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले चरण में 1,500 बेड की व्यवस्था तुरंत की जानी चाहिए। इसके अलावा मरीजों के रिश्तेदारों और परिवारवालों के लिए एक धर्मशाला भी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के पर्यावरण का अध्ययन और एक विश्लेषण किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि एक टीम पीड़ित बच्चों के परिवार के आर्थिक और सामाजिक स्तर, उस क्षेत्र में गंदगी और कुपोषण की स्थिति, खुले में शौच से मुक्ति और पीने के लिए शुद्ध जल की स्थिति आदि का अध्ययन करेगी। इस अध्ययन का मकसद बीमारी के कारणों का पता लगाना है जिससे भविष्य में बचाव को लेकर एहतियाती कदम उठाये जाएं।