भाजपा का साथ छोड़कर राजद के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार के खिलाफ भाजपाई नेता हमलवर हैं। इसी क्रम में भाजपा नेताओं ने रविवार को एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों का बचाव करने पर नीतीश कुमार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैसे बिहार के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंखें बंद कर रखी हैं। वहीं, दूसरी तरफ बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे अत्यंत पिछड़े वर्गों के प्रति उदासीन हो गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने नीतीश कुमार से इस्तीफे की भी मांग की।
राजधानी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों का बचाव करके अपने 'जीवन की बचत के मूल' से समझौता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये बिहार का दुर्भाग्य है कि सीएम ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी आंखे मूंद रखी हैं।
दरअसल, लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान के एक मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को अपना आरोपपत्र दाखिल किया था। जिसे लेकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि जबसे मैं गठबंधन में वापस आ गया हूं, तब से केंद्र सरकार लगातार ऐसी कार्रवाई कर रही है। जद (यू), राजद और कांग्रेस ने जांच एजेंसियों के माध्यम से राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप का जिक्र करते हुए कहा था कि ऐसा लगता है कि वे सनक और कल्पना पर काम कर रहे हैं।
उनके इसी बयान पर राज्यसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया। प्रसाद ने कहा कि साल 2017 में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह खुद लालू प्रसाद से अलग हो गए थे और अब वह उन्ही का बचाव कर रहे हैं। नीतीश कुमार को कानून को अपना काम करने देना चाहिए और इसमें दखल नहीं देना चाहिए।
नीतीश को इस्तीफा दे देना चाहिए-सुशील मोदी
वहीं, दूसरी तरफ बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए उनका इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि अत्यंत पिछड़े वर्ग के लोग जो पीएम मोदी के समर्थक हैं, उनके प्रति राज्य के सीएम नीतीश कुमार उदासीन हो गए हैं।
सुशील मोदी ने जोर देकर कहा कि एसईसी और राज्य सरकार के विरोधाभासी रुख के परिणामस्वरूप उच्च न्यायालय ने आरक्षण को रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार जानते हैं कि अत्यंत पिछड़े बर्ग के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं, इसलिए उन्होंने इन लोगों को छोड़ दिया है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि ओबीसी और ईबीसी कोटा के लिए सभी आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हुए नगर निगम चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं। सुशील मोदी ने कहा कि साथ ही जिन उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार में अपना पैसा गंवाया है, उन्हें राज्य सरकार मुआवजा दे। उन्होंने यह भी मांग की कि कुमार ईबीसी के अपमान के लिए नैतिक जिम्मेदारी लें और अपना इस्तीफा दें।