फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Vidhan Sabha : तेज प्रताप यादव 25 मिनट तक सदन में रहे, अपने विभाग का बजट पढ़े बिना ही बाहर निकले

Thu, 16 Mar 2023 02:52 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार विधानसभा में आज वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव के विभाग का बजट पेश किया जा रहा है। तेजप्रताप अपने विभाग के बजट के लिए अनुदान मांग पेश करने वाले हैं। इसके बाद विधानसभा में बहस होगी। तब कटौती प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। 
विज्ञापन
विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते भाजपा विधायक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही भाजपा और माले नेताओं ने परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा नेता भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने हंगामा कर रहे हैं। वहीं माले नेता नेता प्रतिपक्ष द्वारा माफी मंगाने की मांग कर रहे हैं। माले विधायकों ने कहा कि तमिलनाडु मामले पर भाजपा ने सदन में ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में अफवाह फैलायी। नेता प्रतिपक्ष को शर्म आनी चाहिए। हमारी मांग है कि नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा जल्द से जल्द सदन में इस मामले पर माफी मांगे। इधर, प्रश्नोत्तर काल के बाद शून्य काल में तेज प्रताप यादव सदन में पहुंचे। 

विज्ञापन


इधर, लंच ब्रेक के बाद तेज प्रताप यादव सदन पहुंचे। करीब 25 मिनट तक यहां रहे। संभावना थी कि वह अपने विभाग के बजट पढ़ेंगे लेकिन अचानक तेज प्रताप बाहर निकल गए। 

शून्यकाल में गोपाल रविदास ने बात रखी कि तमिलनाडु मामले के फर्जी वीडियो को सदन में रखकर गुमराह करने पर विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय सिन्हा से माफी मांगने की मांग कही। इसपर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। विजय सिन्हा ने कहा कि रेलवे ट्रैक पर लाश मिली उसका जबाब दीजिये। इसपर एक और सदस्य ने जब बात की तो विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि नियम कहता है कि किसी सदस्य से माफी मंगवाने के लिए कोई शून्यकाल में नहीं पूछा जा सकता है। 
विज्ञापन


इससे पहले अध्यक्ष ने कहा कि जो बात आई, उसे सदन ने देख लिया है, लाइव के माध्यम से जनता ने देख लिया है। आगे बढ़िए। डिबेट नहीं कीजिए। पूर्व डिप्टी सीएम तारकेश्वर कह रहे थे इसी बीच उनका और विजय सिन्हा के माइक का आवाज़ बंद कर दिया गया। इसी बीच नाला सफाई की मांग विधानसभा में उठी।


वसूली रोकने के लिए समय का निर्धारण जरूरी है
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विजय सिन्हा ने कहा कि समय सीमा तय करें। इससे भ्रष्टाचार बढ़ता है। जवाब देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा अब तरांकित प्रश्न पूछे जाएंगे। इसी बात पर भाजपा विरोध करने लगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आसन किसी के दबाव में आने वाला नहीं है। वेल में विपक्षी सदस्यों पर आने पर अध्यक्ष ने कहा। विजय सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा कि वसूली रोकने के लिए समय का निर्धारण जरूरी है। मंत्री समय भी निर्धारित करें। इसपर अध्यक्ष ने कहा- मंत्री को भी इसपर जवाब देने के लिए नहीं कहूंगा, वह कह चुके हैं। इधर, नाम गलत पुकारे जाने पर श्रीराम सिंह पर हंगामा करने लगे। बोले एक तो सवाल का जवाब गलत आता है, उसपर नाम गलत कहकर विपक्षी सदस्य को बरगलाया जाता है। राम रतन सिंह सत्ता में हैं और श्रीराम सिंह मैं विपक्ष में हूं।

सरकार प्रॉम्पट है, इसलिए छिपाती भी नहीं है
एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि मुझे रात में ही रिपोर्ट मिला है अगर आपको कोई परेशानी है तो मेरे पास आकर समझ लीजिए। आप शाम में आइये आपको भी संतुष्ट कर देंगे। संतुष्ट किए जाने की बात पर खूब ठहाके लगे। अध्यक्ष ने कहा- सरकार प्रॉम्पट है, इसलिए छिपाती भी नहीं है और आपको भी बुला रही है कि शाम में आइए, संतुष्ट कर देगी।

डीलर को 60 क्विंटल पर मार्जिन मनी मिलता है
मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि लखेंद्र पासवान ने जब माइक ठोककर देखा कि आवाज आ रही या नहीं, इसपर सदस्यों ने चुटकी ली कि फिर मत तोड़ दीजिएगा। हंसते हुए लखेंद्र ने कहा- नहीं, नहीं। इसपर अध्यक्ष ने कहा- माइक ठीक है। आप बोलिए। मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि एक डीलर को 60 क्विंटल मिलता है करीब। उसमें प्रति क्विंवटल 90 रुपये डीलर को मिलता है। इस तरह 5400 रुपये उसे मिलते हैं 60 क्विंटल पर मार्जिन मनी मिलता है। इसमें 2700 केंद्र से मिल रहा। राज्य 2700 दे रहा तो दिल्ली या कई अन्य राज्यों की तरह मार्जिन मनी 200 या 250 प्रति क्विंटल मार्जिन मनी राज्य सरकार नहीं लेगी? इसपर सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करने लगे तो लखेंद्र रोशन बोलने लगे- डीलर विरोधी हो क्या? डीलर विरोधी हो क्या? इसके बाद लेशी सिंह ने कहा कि अभी सरकार के अधीन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इसपर विपक्षी दल के नेता विजय सिन्हा ने कहा कि बार-बार डीलर आंदोलन कर रहे, मांग कर रहे तो सरकार इसपर गंभीरता से क्यों नहीं आगे बढ़ रही? कब बढ़ेगी?
 
विज्ञापन

विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते माले विधायक। - फोटो : अमर उजाला
अतिक्रमण शीघ्र हटवा दिया जाएगा
अगर अतिक्रमण है तो कबतक मुक्ति होगा, इसका जवाब सरकार के पास नहीं था। तेजस्वी यादव ने जवाब दिया कि जिला के अधिकारियों से बात कर अतिक्रमण शीघ्र हटवा दिया जाएगा। इसपर श्रीराम सिंह ने कहा कि समय तो निर्धारित करें। इसपर अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री ने शीघ्र की बात तो कह ही दी है। फिर विधायक ने कहा कि समय बताएं, लेकिन अध्यक्ष और तेजस्वी ने शीघ्र ही कहा।

राजस्व पदाधिकारी भी म्यूटेशन कर सकेंगे
पटना के पांच अंचलों में अंचलाधिकारी नहीं होने पर सवाल पूछा। इसपर मंत्री बता रहे कि विभागीय कार्रवाई के तहत कई अंचलाधिकारियों को निलंबित किया गया, कुछ को अवकाशप्राप्त हुआ...ऐसे में उनकी जगह नियमित पदस्थापना तक राजस्व पदाधिकारी को चार्ज दिया गया। जहां राजस्व पदाधिकारी नहीं, वहां के निकटस्थ अंचल से अंचलाधिकारी को प्रभार दिया जाएगा। राजस्व पदाधिकारी भी म्यूटेशन कर सकेंगे, यह अधिकार दे दिया गया है।

बचौल बोले- तेजस्वी को कहीं से राहत नहीं मिलेगा
भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि सरकार जनता के हित के मुद्दो को लेकर आएगी तो हमलोग साथ रहेंगे। तेजस्वी के कोर्ट जाने के मामले पर कहा कि उनको आज न कल जेल जाना ही होगा। वह चाहे हाईकोर्ट जाएं या सुप्रीम कोर्ट जाएं, कहीं से राहत नहीं मिलेगा। उन्होंने जमीन लेकर नौकरी दी है। इसके साथ मौजूद है। 

इधर, वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव के विभाग का बजट पेश किया जा रहा है। तेज प्रताप अपने विभाग के बजट के लिए अनुदान मांग पेश करने वाले हैं। इसके बाद विधानसभा में बहस होगी। तब कटौती प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग का भी बजट पेश किया जाएगा।

बुधवार को बनी रही थी गहमा-गहमी 
इससे पहले बुधवार को सदन में गहमा-गहमी हुई थी। सत्र की शुरुआत में भाजपा ने सदन का बहिष्कार कर दिया। परिसर में धरना पर बैठ गए। इसके बाद शैडो विधानसभा चलाया। इसी बीच लालू-राबड़ी को मिली जमानत का जश्न मनाने के लिए राजद नेता लड्डू लेकर पहुंचे। इसी बात को लेकर दोनों दलों के नेताओं ने तीखी नोंकझोंक हुई। दोनों दल के नेता आपस में भिड़ गए। कुछ देर बाद भाजपा विधायक राज्यपाल से मिलने पहुंचे। लखेंद्र रोशन के निलंबन के मुद्दे को लेकर झापन सौंपा। राजभवन मार्च के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विधायक को सदन में बुलाया। इसके बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया। भाजपा विधायक भी सदन की कार्यवाही में लौट गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें