अख्तरुल इमान ने 'हिंदुस्तान' की जगह 'भारत' शब्द पढ़ा
बिहार विधानसभा सत्र के पहले ही दिन एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान ने शपथ पत्र में लिखे 'हिंदुस्तान' शब्द को बोलने से इनकार कर दिया। इसकी जगह उन्होंने 'भारत' का इस्तेमाल किया। शपथ ग्रहण के दौरान जब एआईएमआईएम विधायक का नाम पुकारा गया, वैसे ही उन्होंने हिंदुस्तान शब्द पर अपनी आपत्ति जाहिर की।
एआईएमआईएम विधायक ने उर्दू भाषा में शपथ लेने के लिए अनुमति मांगी थी, जिस पर उन्हें उर्दू वाली स्क्रिप्ट प्रदान की गई। लेकिन विधायक ने उसमें लिखे हिंदुस्तान शब्द पर आपत्ति जता दी। साथ ही उन्होंने प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी से 'भारत' शब्द प्रयोग करने की इजाजत मांगी। विधायक अख्तरुल इमान ने कहा कि वह भारत के संविधान की शपथ लेना चाहते हैं, ना कि हिंदुस्तान के संविधान की।
विधानसभा पहुंचे तेजस्वी-तेजप्रताप
नवगठित बिहार विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से आरंभ हो गया। राजद नेता तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विधानसभा के बाहर उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
कांग्रेस का प्रदर्शन
इस महीने की शुरुआत में वैशाली जिले में एक 20 वर्षीय लड़की की कथित रूप से जलाने की घटना को लेकर कांग्रेस विधायकों ने पटना में विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
वहीं, कोविड-19 के बीच आयोजित होने वाले इस सत्र में काफी कुछ नयापन देखने को मिल सकता है। वहीं, सत्र की समाप्ति के बाद नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार होने की भी पूरी संभावना है। सूत्रों ने बताया है कि जदूय, भाजपा व अन्य सहयोगी दलों के 17-18 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलवाई जा सकती है।
105 नवनिर्वाचित सदस्य पहली बार लेंगे शपथ
17वीं विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र के पहले दो दिन सदस्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।वहीं, बाकी के तीन दिनों में विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 43.2 फीसदी अर्थात 105 सदस्य ऐसे हैं, जो पहली बार विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे।
वहीं, 16वीं विधानसभा के 98 यानी कि 40.3 फीसदी सदस्य दोबारा चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं। इसके अलावा 40 सदस्य यानी कि 16.46 फीसदी ऐसे सदस्य हैं, जो अंतराल (ब्रेक) के बाद जीतकर फिर से विधानसभा पहुंचे हैं।
दमदार होगा इस बार विपक्ष
बिहार विधानसभा में इस बार विपक्ष की दहाड़ भी सुनने को मिलेगी, क्योंकि 110 की संख्या के साथ विपक्ष की दमदार मौजूदगी सदन में रहेगी। रोजगार से लेकर गरीबी तक के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है। वहीं, सत्तापक्ष इस बार विपक्ष के सवालों की काट के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।