बिहार में महिला अधिकारों को लेकर बेशक बहुत अच्छी स्थिति न हो, बेशक वहां महिलाओं की साक्षरता दर देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम हो लेकिन राजनीतिक स्तर पर प्रतिनिधित्व के मामले में बिहार दूसरे राज्यों को आइना दिखा रहा है।
विधानसभा में प्रतिनिधित्व के मामले में बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के बाद सबसे आगे है। बीते चुनावों में राज्य से 34 महिलाएं चुनकर विधानसभा की दहलीज तक पहुंची।
हर बीतते चुनावों में बिहार में महिलाओं की उपस्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। बिहार के लिए यह बात इसलिए भी खास हो जाती है कि वहां अक्सर महिला अधिकारों के हनन के आरोप लगते रहे हैं।
बिहार में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का अनुपात 916 है, जबकि उनकी साक्षरता दर भी मात्र 53 फीसदी ही है। पुरुषों के मुकाबले पूरे दस फीसदी कम। लेकिन राजनीतिक परिपेक्ष्य में यह तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।
पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण
बिहार से पूरे देश में सबसे ज्यादा 34 महिला विधायक हैं। 2010 के विधानसभा चुनावों के मुकाबले बीते लोकसभा चुनावों में महिला वोटरों की संख्या भी काफी बढ़ी है। राजनीतिक रूप से बिहार में महिलाओं के लिए काफी काम हुआ है।
बिहार देश का अकेला राज्य है जिसने सबसे पहले 2005 में पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू किया था। जबकि पंचायती राज कानून के तहत महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का ही कोटा था।
राज्य में जनता पार्टियों के उभार के साथ ही राजनीति में महिला विधायकों की संख्या बढ़नी शुरू हो गई थी। हालांकि राजनीति दलों ने आज भी उम्मीदवारों के तौर पर महिलाओं को वरीयता नहीं दी है लेकिन फिर भी जीत का उनका आंकडा काफी शानदार है।
नीतीश राज में महिलाओं के लिए हुआ काफी काम
बीते चुनाव में कुल महिलाओं ने ही नामांकन किया था। जिनमें से 34 महिलाएं विधानसभा के लिए चुनीं गईं। जिनमें से 23 जेडीयू और 10 भाजपा से थी। एक निर्दलीय महिला उम्मीदवार भी जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
वहीं राज्य को पहली महिला मुख्यमंत्री देने वाली लालू यादव की पार्टी राजद की ओर से कोई महिला विधानसभा नहीं पहुंच सकी थी। उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी राघोपुर में जेडीयू उम्मीदवार से पराजित हो गई थीं।
हालांकि राज्य में नीतीश के राज्य में महिलाओं के लिए काफी काम हुआ है। शिक्षक भर्ती में महिलाओं का कोटा 50 फीसदी करने के अलावा, पुलिस भर्ती में भी महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण लागू कर दिया है।