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Bihar: JPSC-JSSC पेपर लीक मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, भोजपुर के मिथलेश सिंह को दिल्ली से किया गिरफ्तार

Tue, 18 Aug 2026 10:25 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर

सार

भोजपुर के चरपोखरी प्रखंड के पसौर गांव निवासी मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को झारखंड CID की विशेष टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी JPSC और JSSC से जुड़े चर्चित पेपर लीक मामले की जांच के दौरान हुई है। 
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर भोजपुर जिले के चरपोखरी प्रखंड के पसौर गांव का रहने वाला मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जुड़े चर्चित पेपर लीक मामले की जांच कर रही झारखंड CID की विशेष टीम ने मिथलेश सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव पसौर पहुंची, गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। गांव के चौराहों और चाय की दुकानों पर लोग इस कार्रवाई को लेकर हैरानी और स्तब्धता जताते नजर आए।

दिल्ली से हुई गिरफ्तारी, गांव में शुरू हुई चर्चा

झारखंड CID की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पसौर गांव निवासी स्वर्गीय ललन सिंह के पुत्र मिथलेश सिंह उर्फ आरके सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और धांधली के मामले की जांच के दौरान की गई है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उसके पैतृक गांव में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों के बीच यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है कि उनके ही गांव का रहने वाला व्यक्ति देश के अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक से जुड़े मामले में आरोपी है।

चार राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोप

प्राप्त जानकारी और पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिथलेश सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। आरोप है कि वह इससे पहले भी पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, सिंडिकेट चलाने और पेपर लीक कराने जैसे गंभीर मामलों में कम से कम चार बार जेल जा चुका है। लगातार कई राज्यों में कार्रवाई और जेल जाने के बावजूद उसके कथित गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़े रहने की बात सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीण इस बात को लेकर भी हैरान हैं कि इतने गंभीर मामलों में नाम आने और जेल जाने के बाद भी कथित तौर पर यह गतिविधियां जारी रहीं।

बेटे के नाम पर एजेंसी खोलने का भी आरोप

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि मिथलेश सिंह ने अपने कथित काले कारोबार को छिपाने के लिए अपने बेटे के नाम पर एक एजेंसी खोल रखी थी। बताया जा रहा है कि यह एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र की व्यवस्था और उसके प्रबंधन का काम देखती थी। जांच एजेंसी अब इस एजेंसी की भूमिका और इसके जरिए होने वाली गतिविधियों की भी पड़ताल कर सकती है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित नेटवर्क और उसके संपर्कों को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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