बिहार की सड़कों पर चल रही गाड़ियां अब अपनी 'जाति' का प्रदर्शन नहीं कर सकेंगी। ऐसा करना वाहन मालिकों को भारी पड़ सकता है। राज्य परिवहन विभाग ने वाहनों पर लिखे जाने वाले जाति सूचक शब्दों, स्लोगन और स्टीकर्स के खिलाफ कमर कस ली है। राज्य परिवहन विभाग ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए सभी वाहन मालिकों को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है।
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क्या है नया आदेश ?
परिवहन विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी दोपहिया या चार पहिया वाहन पर जाति का बोध कराने वाले शब्द लिखे पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल हटाना होगा। इस संबंध में राज्य परिवहन विभाग का कहना है कि वाहनों पर लिखे गए राजपूत, यादव, ब्राह्मण, भूमिहार, मौर्य आदि शब्दों का प्रयोग सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करता है और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है।
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एक महीने बाद शुरू होगा विशेष अभियान
परिवहन विभाग ने आम लोगों को राहत देते हुए एक महीने का समय दिया है ताकि लोग स्वेच्छा से इन स्टीकर्स को हटा सकें। विभाग का आदेश है कि ऐसे लिखे हुए स्टीकर को जून के पहले सप्ताह तक सभी वाहनों से हटाने होंगे। विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि समय सीमा समाप्त होते ही ट्रैफिक पुलिस पूरे राज्य में सघन चेकिंग अभियान चलाएगी।
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कितना लगेगा जुर्माना?
इस संबंध में परिवहन विभाग का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि धारा 177 व 179 के अनुसार इन धाराओं के तहत पकड़े जाने पर वाहन मालिक को 2,000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन को जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अक्सर देखा गया है कि लोग अपनी पहचान बताने के चक्कर में नंबर प्लेट या गाड़ी की बॉडी पर बड़े-बड़े अक्षरों में जाति लिखवाते हैं। इससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि कई बार यह सड़कों पर अनावश्यक तनाव या प्रदर्शन का कारण भी बनता है। इसी को देखते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बिहार में भी इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी ?
इस संबंध में परिवहन विभाग का कहना है कि सड़कों पर चलने वाले वाहन किसी खास समुदाय या जाति के प्रचार का माध्यम नहीं हो सकते। यह कानून व्यवस्था और यातायात नियमों के विरुद्ध है। इसलिए विभाग ने अपील करते हुए कहा है कि लोग समय रहते इन निर्देशों का पालन करें और कानूनी झंझटों से बचें।