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Bihar: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बाबा बागेश्वर की एंट्री, आएंगे आरा; पूछा- सजा कोर्ट देगी या पुलिस?

Wed, 24 Jun 2026 10:25 AM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ़ बाबा बागेश्वर की एंट्री हो गई है। उन्होंने इस कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर बेहद तीखा और बड़ा बयान देते हुए कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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धीरेन्द्र शास्त्री - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में बीते 17 जून को हुए बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब देश के मशहूर आध्यात्मिक गुरु और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ़ बाबा बागेश्वर की एंट्री हो गई है। बाबा बागेश्वर ने इस कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर बेहद तीखा और बड़ा बयान देते हुए कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतक भरत तिवारी को सनातनी हिंदुत्व के लिए जीने वाला बालक करार देते हुए बाबा बागेश्वर ने ऐलान किया है कि वे जल्द ही भोजपुर के शाहपुर स्थित बिलौटी गांव जाएंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। 

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अपराधी भी हो तो सजा न्यायपालिका तय करेगी, सरेंडर के बाद जान लेना गलत
बाबा बागेश्वर ने इस मामले में मानवाधिकारों और कानून के शासन की वकालत करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी हो, तो उसे दंड देने का अधिकार केवल और केवल हमारी न्यायपालिका को है। आत्मसमर्पण करने के बाद किसी भी नागरिक की इस तरह जान नहीं ली जानी चाहिए। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान ने बिहार पुलिस की एनकाउंटर थ्योरी को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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परिजन और पुलिस के दावे अलग-अलग 
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले 32 वर्षीय भरत भूषण तिवारी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे। वे इलाके में फैले स्थानीय भ्रष्टाचार, भू-माफियाओं, जमीन विवाद और जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाते थे। इस मामले में पुलिस का दावा है कि सोशल मीडिया पर हथियार लहराने और धमकी देने का वीडियो वायरल होने के बाद टीम उन्हें पकड़ने गई थी, जहां हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पहले उनको आरा सदर अस्पताल में इलाज कराया गया और फिर वहां से रेफर होने के बाद इलाज के दौरान पीएमसीएच में उनकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों और चश्मदीदों का कहना है कि भरत ने फेसबुक लाइव आकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें गोली मारी गई।
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