पटना पुलिस पर हमले के बाद सिटी के मथनीतल में फ्लैगमार्च।
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नामजद की गिरफ्तारी पर मां और भाई ने भीड़ जुटा हमला किया
मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्त पिंकू कुमार चाय दुकान चलाता है और हमेशा असामाजिक तत्वों से घिरा रहता है। रेल ट्रैक के आसपास आपराधिक गतिविधियों के कारण उसे संदिग्ध माना जा रहा था। चार-पांच दिन पहले जब उससे बाइपास थाने के पुलिस अधिकारी ब्रजनंदन गुप्ता पूछताछ करने गए तो उलझ गया। बाइपास थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि "उस दिन उसने पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई की। भीड़ जुटाकर पुलिस को खदेड़ दिया। उस केस की प्राथमिकी में एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पिंकू को मंगलवार शाम उसकी चाय दुकान से गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची तो बेहोशी का नाटक करने लगा। इसके बाद कुछ लोग आए और उसके भाई ने बाहर आकर माहौल बना दिया, जिसके कारण बाहर भीड़ जुट गई। जब उसे गिरफ्तार किया गया तो पिंकू के भाई और मां ने पुलिस के खिलाफ हमला करा दिया। पुलिस पर जमकर पथराव हुआ।"
आरोपी पक्ष की ओर से पहुंची महिलाओं पर भी पुलिस लाठीचार्ज का आरोप है। घायल महिला जख्म दिखा रही।
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आरोपी के साथ मां को भी ले गई पुलिस, गुस्से में हंगामा
मंगलवार रात जब पुलिस पिंकू को गिरफ्तार करने आई तो आरोप है कि उसे पीटा गया। इसी से वह बेसुध हो गया तो उसकी मां भड़क गई। मां ने बेटे पिंकू को गिरफ्तार करने से रोकने की कोशिश में जब हंगामा शुरू किया तो उसे भी पुलिस टीम लेती चली गई। मां-बेटे की गिरफ्तारी की खबर तुरंत ही आग की तरह फैल गई। इसके बाद मथलीतल में तो जैसे आग लग गई। महिलाओं का जत्था भी पुलिस पर पथराव करने लगा। पुलिस ने भी पथराव के जवाब में लाठीचार्ज कर दिया। दोनों तरफ से फायरिंग की जानकारी भी सामने आ रही, हालांकि किसी को गोली नहीं लगने के कारण इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। पुलिस फायरिंग से इनकार कर रही है।
मथनीतल की महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने लाठियां तो चलाई ही, चोटी पकड़ कपड़े भी फाड़े।
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महिला के कपड़े फाड़ने का आरोप, दो घंटे से आगजनी-प्रदर्शन
पुलिस लाठीचार्ज में घायल महिलाओं ने कहा कि पिंकू निर्दोष है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि "पुलिस दुकानदारों से पैसा वसूली करने आती है और नहीं देने के कारण ही पिंकू को इस तरह से जबरन फंसाया गया। उसे फंसाकर गिरफ्तार किया जा रहा था और विराेध करने पर उसकी मां को भी पुलिस उठाकर ले गई। इसी के विरोध में आगजनी करने उतरे लोगों के साथ महिलाओं के साथ भी पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। महिला के सिर की चोटी पकड़कर खींचा गया। कपड़े फाड़े गए। लाठियां भांजते समय पुलिसकर्मियों ने नहीं देखा कि सामने महिला है, बुजुर्ग है या कोई राहगीर। हरेक को पीट दिया गया।"