पटना/डेस्क, औरंगाबाद जिले में मुखिया छोटू सिंह की हत्या की सीबीआई से जांच और हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) के बिहार बंद का मिलाजुला असर देखा गया।
बंद को सफल बनाने के लिए राजधानी पटना में माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने डाकबंगला चौराहा पर प्रदर्शन कर यातायात को कुछ देर के लिए बाधित कर दिया।
इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार की नीतीश सरकार के कार्यकाल के दौरान गरीबों और मजदूरों पर पुलिस जुल्म बढ़े हैं। लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की कार्यशैली का विरोध करने वाली पार्टियों के नेताओं पर भी पुलिस दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने औरंगाबाद में प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज फायरिंग और उनकी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उन्हे बिना शर्त रिहा करने की भी मांग की। भाकपा माले के बंद का अन्य वामदलों के साथ-साथ बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी के अलावा कई अन्य दलों ने भी कांग्रेस को छोड़कर समर्थन किया है।
बंद के दौरान राज्य के अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में माले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ट्रेन और सड़क यातायात को बाधित किया है। समस्तीपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सुबह से भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर रेल मंडल के समस्तीपुर और दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पटरी पर धरना देकर करीब दो घंटे तक रेल यातायात को बाधित कर दिया।