उनकी मंशा क्या थी? कहीं मजबूरी ही तो सचमुच नहीं थी? क्या अपने धर्म के नाम पर उन्हें पोषण के लिए भोजन नहीं मिल रहा था? फिलहाल नवादा में UP के ऐसे छह लोग पकड़े गए हैं, जो वास्तव में दूसरे धर्म के हैं और गेरुआ व अन्य ऐसे साधु वस्त्रों में थे।
उनकी मंशा क्या थी? कहीं मजबूरी ही तो सचमुच नहीं थी? क्या अपने धर्म के नाम पर उन्हें पोषण के लिए भोजन नहीं मिल रहा था? दर्जनों सवाल हैं। फिलहाल खबर यह है कि नवादा में उत्तर प्रदेश (UP) के ऐसे छह लोग पकड़े गए हैं, जो वास्तव में दूसरे धर्म के हैं और गेरुआ व अन्य ऐसे साधु वस्त्रों में थे। जॉली एलएलबी फिल्म में कोर्ट के अंदर कठघरे में ऐसा एक साधु सवाल-जवाब में 'या अल्लाह..’ बोलकर पकड़ा गया और यहां आम लोगों की भीड़ में किसी ने साधुओं के मुंह से दूसरे धर्म के शब्द सुनकर एक को पकड़ा तो एक-एक कर छह ऐसे लोग पकड़े गए। इन्हें बंधक बनाने की सूचना पुलिस तो पहुंच चुकी है। पुलिस इन्हें ले जा रही है। अबतक की पूछताछ में इन लोगों ने खुद को यूपी के गोंडा का निवासी बताया है। इन्होंने लोगों को बताया है कि यह इसी वेशभूषा में भीख मांगकर जीवनयापन करते हैं, हालांकि पुलिस कई सवालों के साथ इन्हें पूछताछ के लिए लेकर निकली है।
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लोग हिंसक नहीं हुए, सिर्फ मंशा समझने को पकड़ा
नवादा जिला के अकबरपुर थाना क्षेत्र में चातर हॉल्ट पर गेरुआ एवं अन्य ऐसे कपड़े में उतरे लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले करने वाले लोगों ने कहा कि उनकी मंशा को समझने के लिए पकड़ा गया। अगर वह सही में भीख मांगकर जीवनयापन कर रहे हैं तो इसपर आपत्ति नहीं है। लोगों ने कहा कि हम महाराष्ट्र में साधुओं की पीटकर हत्या की खबरों से वाकिफ हैं, इसलिए धर्म के नाम पर हिंसक नहीं होते हैं।