पटना हाईकोर्ट ने तब्लीगी जमात के 18 विदेशी नागरिकों को राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। साथ ही उन्हें संबंधित देशों में भेजने का भी निर्देश दिया है।
न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की एकल पीठ ने मो. एनामुल हुसैन, मो. रियाजुद्दीन तथा अन्य की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका को निष्पादित करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट अपने 68 पन्नों के फैसले में विदेशी नागरिक कानून की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि इन विदेशी नागरिकों के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता पीके शाही व अधिवक्ता आलोक रंजन जबकि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसीटर जनरल डॉ केएन सिंह ने बहस में भाग लिया। बिहार सरकार का पक्ष अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने रखा।
उल्लेखनीय है कि नरपतगंज थाना कांड संख्या 158/20 और अररिया थाना कांड संख्या 297/20 के तहत पुलिस ने इन जमातियों के खिलाफ विदेशी नागरिकता कानून की धारा 14और 14(सी)का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने चार्जशीट दायर किया था जिसके बाद निचली अदालत ने संज्ञान लेते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करने के साथ ही आपराधिक कार्यवाही को भी समाप्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी दूसरे मामले में ये वांछित नहीं हैं तो तुरंत उनको अपने देश भेजने का प्रबंध किया जाए। जिन 18 लोगों को राहत मिली है उनमें बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के नागरिक शामिल हैं।