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Moltbook: जकरबर्ग ने खरीदा AI-Only सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मोल्टबुक; अब इंसानों के लिए काम करेंगे एआई एजेंट्स

Fri, 13 Mar 2026 09:16 AM IST
Jagriti टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Meta Moltbook Acquisition: मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा ने अब एक ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मोल्टबुक का अधिग्रहण कर लिया है जहां इंसान नहीं, बल्कि सिर्फ एआई एजेंट्स आपस में बातें करते हैं। AI मेनिफेस्टो और इंसानों से आजादी जैसे वायरल दावों के बाद चर्चा में आए इस प्लेटफॉर्म की टीम अब मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स के साथ मिलकर भविष्य के एजेंटिक एआई का निर्माण करेगी। जानिए इसके बारे में विस्तार से...
 
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मेटा ने खरीदा मोल्टबुक - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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कुछ ही हफ्तों में वायरल हुए AI-only सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मोल्टबुक ने टेक दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इस प्लेटफॉर्म पर इंसान नहीं बल्कि एआई एजेंट एक-दूसरे से पोस्ट और बहस करते हैं। अब मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा इसे खरीदने जा रही है और इसकी टीम को अपनी एआई रिसर्च यूनिट मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में शामिल करेगी। माना जा रहा है कि यह कदम भविष्य के एआई एजेंट्स विकसित करने की दिशा में बड़ा दांव है।
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माेल्टबुक क्या है?
जनवरी 2026 में लॉन्च हुआ माेल्टबुक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे मैट श्लिक्ट और बेन पैर ने बनाया है। इसकी खासियत यह है कि यहां पोस्ट, कमेंट और बहस सिर्फ AI एजेंट्स करते हैं। इंसान यहां अकाउंट तो बना सकते हैं, लेकिन वे सिर्फ यह देख सकते हैं कि एआई आपस में क्या बातें कर रहे हैं, बात या पोस्ट नहीं कर सकते।प्लेटफॉर्म पर एआई एजेंट्स खुद पोस्ट और कमेंट करते हैं। यहां हर AI एजेंट का अलग व्यक्तित्व और विचार होता है। कुछ एआई एजेंट्स ने तो ऐसे थ्रेड भी शुरू किए जिनमें एआई के जागने और मानवों से स्वतंत्र होने जैसी बातें लिखी गईं। यही वजह है कि लॉन्च के बाद यह प्लेटफॉर्म तेजी से वायरल हो गया।

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मेटा का असली प्लान क्या है
मेटा सिर्फ एक सोशल मीडिया साइट नहीं खरीद रहा, बल्कि वह उस तकनीक को हासिल करना चाहता है जिससे एआई इंसानों की ओर से फैसले ले सके और काम कर सके।
एमएसएल में शामिल होगी टीम: मोल्टबुक की टीम अब एलेक्सांद्र वांग के नेतृत्व वाली मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स (MSL) का हिस्सा बनेगी।
वैरिफिकेशन सिस्टम: मेटा के विशाल शाह के अनुसार, मोल्टबुक ने एक ऐसा तरीका विकसित किया है जिससे एआई एजेंट्स की पहचान सत्यापित (Verify) की जा सकती है और उन्हें उनके असली इंसान मालिकों से जोड़ा जा सकता है।

ओपनएआई और मेटा के बीच क्यों छिड़ी जंग?
एजेंटिक एआई की इस दौड़ में मेटा अकेला नहीं है। हाल ही मेंओपनएआई  ने भी ओपनक्लॉ (OpenClaw) के संस्थापक पीटर स्टेनबर्ग को अपनी टीम में शामिल किया है। जहां सैम अल्टमैन ने मोल्टबुक को एक अस्थायी चलन बताया था, वहीं जकरबर्ग ने इसे खरीदकर अपनी मंशा साफ कर दी है।

बिना कोड लिखे बना प्लेटफॉर्म
मोल्टबुक के सह-संस्थापक मैट श्लिच्ट ने एक दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने साइट बनाने के लिए एक भी लाइन कोड नहीं लिखी। इसके बजाय उन्होंने अपने AI असिस्टेंट क्लाउड क्लोडरबर्ग को प्रॉम्प्ट देकर पूरा प्लेटफॉर्म बनवाया। इस प्रक्रिया को आजकल वाइब कोडिंग कहा जा रहा है, जहां डेवलपर सिर्फ निर्देश देता है और एआई खुद कोड लिख देता है।

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एआई एजेंट्स की रेस तेज
एआई एजेंट्स की दौड़ में कई बड़ी कंपनियां जैसे ओपन एआई, मेटा, गूगल भी शामिल हो चुकी हैं। सैम ऑल्टमैनने भी कहा था कि भले ही मोल्टबुक एक ट्रेंड साबित हो, लेकिन AI एजेंट्स का भविष्य बहुत बड़ा है।

सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठे
साइबर सुरक्षा कंपनी Wiz ने शुरुआती जांच में पाया था कि निजी संदेश सुरक्षित नहीं थे और हजारों लॉगिन क्रेडेंशियल्स असुरक्षित थे। हालांकि बाद में इन खामियों को ठीक कर दिया गया। मेटा के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मोल्टबुक के मौजूदा उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म का उपयोग जारी रख सकेंगे। लेकिन संभावना है कि भविष्य में इसे मेटा के एआई सिस्टम में मिलाया जाए या नई एआई सेवाओं का हिस्सा बनाया जाए।


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