कोहरे वाले सर्दियों के महीनों के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए, अधिकारियों ने यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट (गति सीमा) कम करने का एलान किया है। ये उपाय 15 दिसंबर, 2024 से 15 फरवरी, 2025 तक लागू किए जाएंगे। जिसका मकसद कोहरे और ठंड के कारण होने वाली विजिबिलिटी (दृश्यता) और सड़क की स्थिति को ठीक करना है।
डीसीपी (ट्रैफिक) यमुना प्रसाद ने बताया, "सर्दियों के दौरान कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। ठंड के कारण सड़कें भी फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए, हम जल्द ही नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर गति सीमा कम करने की योजना बना रहे हैं।"
यमुना एक्सप्रेसवे की नई गति सीमा और दंड
यमुना एक्सप्रेसवे: संशोधित गति सीमा
- हल्के वाहन: 100 किमी/घंटा से घटाकर 75 किमी/घंटा
- भारी वाहन: 80 किमी/घंटा से घटाकर 60 किमी/घंटा
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की नई गति सीमा
- हल्के वाहन: 100 किमी/घंटा से घटाकर 75 किमी/घंटा
- भारी वाहन: 60 किमी/घंटा से घटाकर 50 किमी/घंटा
उल्लंघन करने पर क्या है दंड
- गति सीमा से ज्यादा रफ्तार भरने वाले हल्के वाहनों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
- इसी तरह के उल्लंघन के लिए भारी वाहनों पर 4,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
अधिकारी सर्दियों के मौसम में सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहे हैं:
फॉग लाइट्स लगाना: दृश्यता बढ़ाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के साथ विभिन्न बिंदुओं पर फॉग लाइट्स लगाई जाएंगी।
ड्राइवर सपोर्ट: थकान से संबंधित घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारी रात में ट्रक ड्राइवरों को चाय पिलाएंगे।
आपातकालीन सेवाएं स्टैंडबाय पर
आपात स्थिति से निपटने के लिए 15 गश्ती वाहन, छह एम्बुलेंस, छह क्रेन और छह दमकल गाड़ियां तैनात की गई हैं।
अधिकारियों ने यात्रियों से सर्दियों के मौसम में दुर्घटनाओं से बचने के लिए संशोधित गति सीमा का पालन करने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।