फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोलर पावर से चलेगी दुनिया की पहली एंबुलेंस: बिना पेट्रोल-डीजल के बचाएगी मरीजों की जान, जानें कैसे करेगी काम

Sun, 05 Apr 2026 01:27 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World's first solar powered ambulance: बिना पेट्राल और डीजल के एंबुलेंस अब कोई सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन चुकी है। नीदरलैंड की आइंडहोवन यूनिवर्सिटी के छात्रों और एक कंपनी ने मिलकर एक ऐसी एंबुलेंस बनाई है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भर है। यह एंबुलेंस न केवल चलेगी, बल्कि इसके अंदर लगे जीवनरक्षक उपकरण भी धूप से ही चार्ज होंगे। जानिए इस एंबुलेंस की विशेषताएं और यह कैसे काम करेगी...
 
विज्ञापन
दुनिया की पहली सोलर पैनल एंबुलेंस - फोटो : solarteameindhoven
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Stella Juva solar ambulance features: नीदरलैंड की आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ने एक कंपनी के साथ मिलकर दुनिया की पहली सोलर एंबुलेंस तैयार की है, जिसका नाम स्टेला जुवा है। यह वाहन बिना ईंधन के चलता है और इसके मेडिकल उपकरण, जैसे वेंटिलेटर भी सौर ऊर्जा से ही चलते हैं। इसमें कंपनी के एडवांस ABC सोलर सेल्स का इस्तेमाल किया गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट जुलाई 2026 तक सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है, जो विशेष रूप से बिजली की कमी वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
विज्ञापन


स्टेला जुवा की खासियतें और तकनीक

ईंधन और बिजली की चिंता से मुक्त
ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक और सीएनजी गाड़ियां तो आम हो रही हैं, लेकिन स्टेला जुवा इससे एक कदम आगे है। इसे खास तौर पर उन दुर्गम इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है जहां पेट्रोल पंप नहीं हैं या ग्रिड की बिजली उपलब्ध नहीं है। यह एंबुलेंस पूरी तरह से आत्मनिर्भर है।

एंबुलेंस के उपकरण कैसे चार्ज होंगे?
आमतौर पर एंबुलेंस में वेंटिलेटर और मॉनिटर्स चलाने के लिए भारी बैटरी या इंजन की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस एंबुलेंस की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें सब कुछ सूरज की किरणों से ही संभव है। इसके अंदल लगे सभी क्रिटिकल केयर उपकरण सौर ऊर्जा से ही काम करेंगे, जिससे मरीज को बिना किसी समस्या के अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
विज्ञापन


इस एंबुलेंस की छत पर साधारण पैनल नहीं, बल्कि कंपनी के ABC ( ऑल ब्लैक कॉन्टैक्ट) सोलर सेल्स लगाए गए हैं। जो इसे अलग बनाते हैं। विशेषताओं की बात करें तो इसमें बेहतर सोखने की क्षमता है। ये सेल्स सामान्य पैनल की तुलना में कहीं ज्यादा धूप सोखकर अधिक पावर जेनरेट करते हैं।
  • मजबूती और टिकाऊपन: इनमें चांदी (Silver) का उपयोग नहीं होता, जिससे दरारें पड़ने का खतरा कम हो जाता है।
  • हर मौसम में फिट: ये सेल्स काफी मजबूत हैं और हर तरह के मौसम में बिजली बनाने में सक्षम हैं।
Renewable energy in healthcare: सोलर व्हीकल बनाने में एक्सपर्ट है टीम
आइंडहोवन यूनिवर्सिटी की यह टीम सोलर व्हीकल बनाने में वर्ल्ड लीडर है। इससे पहले उन्होंने दुनिया की पहली सोलर कैंपन वैन भी बनाई, जो स्टेला विटा के नाम से जानी जाती है। इसके बाद दुनिया की पहली सोलर ऑफ-रोडिंग गाड़ी बनाई, जिसे स्टेला टेरा कहा। इतना ही नहीं इन्होंने स्टेला जुवा बनाकर हेल्थकेयर सेक्टर की तस्वीरें भी बदली हैं।

Solar ambulance launch date July 2026: कब होगी लॉन्च?
स्टेला जुवा के टेस्टिंग फेज को लेकर काफी उत्साह है। कहा जा रहा है कि कुछ महीने बादजुलाई 2026 तक यह एंबुलेंस आधिकारिक तौर पर सड़कों पर मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध होगी।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें