बैटरी की देखभाल क्यों जरूरी है
सर्द मौसम में बैटरी की क्षमता स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है, क्योंकि कम तापमान में बैटरी के भीतर होने वाली रासायनिक क्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं। ऐसे में बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो सकती है या स्टार्ट होने में दिक्कत पैदा कर सकती है। इसलिए बैटरी की नियमित जांच करें और उसके टर्मिनलों को साफ एवं कसकर लगाए रखें।
अगर आप इलेक्ट्रिक कार चलाते हैं, तो ठंडे मौसम में 10-20 प्रतिशत तक रेंज घटने की संभावना रहती है। इसलिए अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल फीचर्स जैसे हीटेड सीटें, म्यूजिक सिस्टम या अतिरिक्त लाइट्स का बेवजह इस्तेमाल करने से बचें।
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टायर सही हों तो सफर सुरक्षित
ठंड का असर टायरों पर भी तेजी से पड़ता है। अगर आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां बर्फ गिरती है, तो विशेष विंटर टायर्स का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है। टायरों का ट्रेड पैटर्न नियमित रूप से जांचें। अगर किसी टायर का ट्रेड 2 मिमी से कम रह जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।
इसके अलावा, कम तापमान में टायरों का हवा का दबाव घट जाता है। इसलिए प्रेशर को निर्माता की सिफारिशों के अनुसार बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। बर्फीले इलाकों में यात्रा करते समय स्नो चेन लगाना भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है।
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इंजन ऑयल और अन्य फ्लूइड्स की देखभाल
सर्दी में कम तापमान इंजन ऑयल को गाढ़ा कर देता है, जिससे कार स्टार्ट करना मुश्किल हो जाता है। इंजन ऑयल का रंग और उसकी गुणवत्ता जांचें। अगर यह बहुत गहरा दिखे, तो इसे बदलवा दें। कूलेंट और ऐंटिफ्रीज को बराबर मात्रा में मिलाकर रखना इंजन को ठंड से बचाता है और ओवरहीटिंग व जंग जैसे जोखिम कम करता है। ब्रेक फ्लूड और ट्रांसमिशन ऑयल की भी जांच जरूरी है।
डीजल वाहन मालिकों को ठंड के मौसम में एंटी-जेल या एंटी-वैक्स एडिटिव ईंधन में मिलाना चाहिए, जबकि पेट्रोल कारों का फ्यूल टैंक आधा भरा रखना चाहिए ताकि कंडेनसेशन की संभावना कम हो सके।
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वाइपर की जांच और सुरक्षा
सर्दी में वाइपर की रबर सख्त हो जाती है, जिससे शीशे पर धारियां छूटने लगती हैं। वाइपर की रबर पर दरारें दिखें तो उन्हें तुरंत बदलें। बर्फ वाले इलाकों में वाहन पार्क करते समय वाइपर को उठाकर रखने से वह शीशे से चिपकता नहीं और जमने की समस्या कम होती है। साथ ही, वॉशर फ्लूइड नोजल्स की नियमित जांच करें कि वे जाम न हों और ठीक से काम कर रहे हों।
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हीटिंग और डिफ्रॉस्ट सिस्टम की जांच
कार को सड़क पर उतारने से पहले हीटर और डिफ्रॉस्टर की जांच करना बिल्कुल जरूरी है। यह सुनिश्चित करें कि केबिन में हवा का प्रवाह सही तरीके से हो रहा है। ज्यादातर मार्डन कारों में डिफ्रॉस्ट मोड दिया जाता है, जो एसी की सहायता से शीशों से नमी हटाकर दृश्यता बेहतर बनाता है। इसके लिए एसी फिल्टर का साफ होना जरूरी है, क्योंकि गंदा फिल्टर एयरफ्लो को काफी कम कर देता है।
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