कीलेस एंट्री सिस्टम क्या है?
देखिए कीलेस एंट्री सिस्टम में कार और चाबी आपस में वायरलेस रेडियो सिग्नल से जुड़े रहते हैं। जैसे ही चाबी कार के करीब आती है, वाहन उस सिग्नल को पहचान लेता है और अपने आप लॉक खुल जाता है। इसी वजह से ड्राइवर को बार-बार चाबी निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और कार स्टार्ट करना भी आसान हो जाता है।
चोर कर रहे इस तकनीक का प्रयोग?
कार चोरी करने वाले अपराधी अब रिले अटैक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपको बता दें इसमें दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से कार की चाबी के सिग्नल को लंबी दूरी तक पहुंचाया जाता है। अगर आपकी चाबी घर के अंदर रखी है, तब भी चोर उसका सिग्नल पकड़ सकते हैं। फिर कार को ऐसा लगता है कि असली चाबी पास में ही मौजूद है और वह आसानी से अनलॉक हो जाती है। कई मामलों में चोर कुछ ही मिनटों में बिना किसी नुकसान के कार लेकर फरार हो जाते हैं।
एल्युमिनियम फॉइल कैसे बचाता है कार?
अब सवाल है कि एल्युमिनियम फॉइल का इससे क्या लेना देना? क्योंकि अधिकतर कार मालिक अब इससे बचने के लिए एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। तो यह तरीका फैराडे केज सिद्धांत पर आधारित है। इसमें एल्युमिनियम जैसी धातुएं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को बाहर जाने से रोक देती हैं। जब कार की चाबी पूरी तरह फॉइल में लपेट दी जाती है, तो उसका वायरलेस सिग्नल ब्लॉक हो जाता है। इससे रिले अटैक करने वाले डिवाइस चाबी का सिग्नल पकड़ नहीं पाते।
ऐसे करें टेस्ट
अगर आप जानना चाहते हैं कि यह तरीका सच में काम कर रहा है या नहीं, तो चाबी को पूरी तरह एल्युमिनियम फॉइल में लपेट लें और फिर कार के पास जाएं। अगर कार अनलॉक नहीं होती, तो इसका मतलब है कि चाबी का सिग्नल ब्लॉक हो चुका है और आपका सुरक्षा उपाय सही तरीके से काम कर रहा है।
सिर्फ फॉइल ही नहीं, ये तरीके भी आ सकते हैं काम
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कार की सुरक्षा के लिए कुछ और भी उपाय काम आ सकते हैं। जैसे
- चाबी को दरवाजे या खिड़की के पास न रखें।
- फैराडे पाउच का इस्तेमाल करें।
- कार का सॉफ्टवेयर समय-समय पर अपडेट कराएं।
- स्टीयरिंग लॉक जैसे अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण लगाएं।
- संदिग्ध जगहों पर कार पार्क करने से बचें।
क्यों बढ़ रही है चिंता?
कीलेस एंट्री तकनीक सुविधा जरूर देती है, लेकिन इसके साथ साइबर-आधारित कार चोरी के खतरे भी बढ़ गए हैं। ऐसे में छोटी-छोटी सावधानियां आपकी महंगी कार को चोरी होने से बचा सकती हैं।